अंबेडकरनगर। जिले में 50 ऐसे परिषदीय विद्यालय हैं, जिसके भवन जर्जर हो चुके हैं। बरसात के दिनों में शिक्षण कक्ष की छतें टपकती रहती हैं। इससे संबंधित विद्यालयों के छात्र छात्राओं को मुश्किल हालात में पढने को मजबूर होना पड़ रहा है। जर्जर भवनों को दुरुस्त कराए जाने या फिर नए भवन में विद्यालय के स्थानांतरण की मांग की जा रही है, लेकिन इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। नतीजा यह है कि इसका खामियाजा संबंधित विद्यालयों के छात्र छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है।
परिषदीय विद्यालयों के छात्र छात्राओं की सुरक्षा को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग तनिक भी गंभीर नहीं है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित लगभग 50 परिषदीय विद्यालय ऐसे हैं, जिनके भवन बुरी तरह जर्जर हो चुके हैं। इन विद्यालयों की छतों में जगह जगह दरारें पड़ गई हैं, तो जगह जगह प्लास्टर उखड़ गया है। फर्श बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। गौरतलब है कि जिले में कुल 1 हजार 873 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें 1353 प्राथमिक व 520 उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। वैसे तो ज्यादातर विद्यालय ऐसे हैं, जिनमें किसी में फर्श क्षतिग्रस्त है, तो किसी की दीवारों के प्लास्टर उखड़ चुके हैं। इनमें से 50 ऐसे हैं, जिनके भवन बुरी तरह जर्जर हैं।
हालांकि बीएसए कार्यालय के अनुसार मात्र चार विद्यालय प्राथमिक विद्यालय खासपुर प्रथम टांडा, प्राथमिक विद्यालय नेमपुर जलालपुर, प्राथमिक विद्यालय गोहिला बसखारी व प्राथमिक विद्यालय रामनगर प्रथम के ही भवन जर्जर हैं। उधर हकीकत इससे परे है। भीटी प्रतिनिधि के अनुसार उच्च प्राथमिक विद्यालय उसरावां, जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार प्राथमिक विद्यालय हाजीपुर समेत लगभग 6 ऐसे विद्यालय हैं, जिसके भवन बुरी तरह जर्जर हैं। इनकी छतों में जगह जगह दरारें उत्पन्न हो गई हैं। अन्य दिनों में तो फिर भी किसी प्रकार छात्र छात्राएं शिक्षा ग्रहण करते हैं, लेकिन बरसात के दिनों में यह समस्या काफी बढ़ जाती है। बारिश होने पर छात्र छात्राओं को सिर छिपाने के लिए इधर उधर दौडने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इनमें से आधा दर्जन भवन तो इतना अधिक जर्जर हो चुके हैं कि वे कभी भी ढह सकते हैं। ऐसे में जान हथेली पर रखकर इन विद्यालयों में छात्र छात्राएं पढने को मजबूर हो रहे।
बच्चों की जिंदगी से हो रहा खिलवाड़
भीटी के अरुण कुमार व संदीप ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जर्जर भवनों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर तनिक भी गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। उनकी जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। जर्जर हो चुके भवनों की मरम्मत कराए जाने या फिर नए भवन निर्माण की सुध शासन को नहीं है। जलालपुर के मोहम्मद रईस व रामराज ने कहा कि भूकंप के चलते प्राथमिक विद्यालय हाजीपुर की छत व दीवार में दरारें उत्पन्न हो गई थीं। इसे ठीक कराने को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों दल्वारा गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। बरसात में दिनों में सबसे अधिक मुसीबत का सामना छात्र छात्राओं को करना पड़ता है।
जल्द दुरुस्त होंगे जर्जर भवन
बीते दिनों चार विद्यालयों के भवन के जर्जर होने की रिपोर्ट आई थी। टीम भेजकर इसकी जांच कराई जाएगी। यदि भवन जर्जर पाया गया, तो इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। अन्य विद्यालय भवनों में मरम्मत की जो जरूरत है, उसे जल्द ही दुरुस्त कराया जाएगा। -अतुल कुमार सिंह, बीएसए