अंबेडकरनगर। खाद की कालाबाजारी करने की शिकायत के बाद जिला कृषि अधिकारी ने सहकारी गन्ना विकास समिति अकबरपुर के खाद विक्रय के लाइसेंस को निलंबित कर दिया है। निर्देशित किया है कि लाइसेंस निलंबित अवधि में संबंधित गोदाम से किसी भी प्रकार के उर्वरक की बिक्री नहीं होगी। यदि निर्देशों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित विभागीय अधिकारियों के विरुद्घ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
क्षेत्र के किसान जिला कृषि अधिकारी से अपनी शिकायत दर्ज करा रहे थे कि सहकारी गन्ना विकास समिति अकबरपुर द्वारा उर्वरक की कालाबाजारी की जा रही है। पुराने स्टॉक की डीएपी खाद का मूल्य 1050 रुपये है, जबकि से 1100 रुपये की दर से बिक्री की जा रही है। यही नहीं कालाबाजारी का विरोध करने वाले किसानों को खाद देने से मना कर दिया जाता है। खाद का स्टॉक होने के बावजूद किसानों को खाद देने में हीलाहवाली की जाती है। इसी बीच मरथुआ सरैया निवासी संतराम वर्मा ने अपर जिलाधिकारी गिरिजेश कुमार त्यागी से मिलकर मामले की शिकायत दर्ज करायी। आरोप लगाया कि गन्ना समिति के उर्वरक गोदाम से खाद की कालाबाजारी की जा रही है। पुराने स्टॉक की डीएपी जिसका मूल्य 1050 रुपये है, उसे 1100 रुपये की दर से बेचा जा रहा है। यही नहीं अतिरिक्त पैसा न देने पर खाद न होने का बहाना बनाया जाता है। एडीएम ने जिला कृषि अधिकारी डॉ धर्मराज सिंह को निर्देशित किया कि मामले में जांच सुनिश्चित कर त्वरित कार्रवाई की जाए। डीएओ ने शिकायत की जांच करायी तो शिकायत सही पायी गई। इस पर तत्काल प्रभाव से सहकारी गन्ना विकास समिति अकबरपुर के खाद विक्रय प्राधिकार पत्र को निलंबित कर दिया। संबंधित विभाग से आवश्यक रिपोर्ट तलब करते हुए निर्देशित किया कि यदि लाइसेंस निलंबन की अवधि में खाद की बिक्री होती पायी गई तो दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही क्षेत्रीय अधिकारी इफ्को को पत्र भेजकर खाद बिक्री लाइसेंस निलंबन की अवधि में गन्ना विकास समिति को खाद न उपलब्ध कराने के लिए कहा है।