बसखारी (अंबेडकरनगर)। टांडा तहसील क्षेत्र के औझीपुर विद्युत उपकेंद्र से जुड़ी लगभग 60 हजार आबादी के लिए खुशखबरी है। शासन के निर्देश पर औझीपुर उपकेंद्र पर लगभग 51 लाख रुपये की लागत से फीडरों के उच्चीकरण का कार्य गुरुवार से शुरू हो जाएगा। 5-5 एमवी ट्रांसफार्मरों के स्थान पर अब विभाग द्वारा 10-10 एमवी के ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। इसके लिए विभाग ने आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है। एक सप्ताह के अंदर उच्चीकृत फीडर से उपभोक्ताओं को आपूर्ति का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज, ट्रिपिंग व ओवर लोड के चलते फीडर से आपूर्ति बाधित होने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि औझीपुर उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ता लम्बे समय से लो-वोल्टेज व ट्रिपिंग की समस्या से जूझ रहे हैं। अक्सर ओवरलोड के चलते उपकेंद्र से आपूर्ति सप्लाई भी बाधित हो जाती है। गर्मी के इस मौसम में उपभोक्ताओं को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। इस उपकेंद्र से हंसवर के अलावा दो अन्य बड़ी बाजारों को भी आपूर्ति की सप्लाई होती है। बदतर विद्युत आपूर्ति से बाजारों में लगे उद्योग धंधे व अन्य दुकानदारों के व्यापार पर भी इसका प्रतिकूल असर देखने को मिलता है। आए दिन उत्पन्न हो रही इस समस्या को देखते हुए शासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। विभाग के प्रस्ताव पर शासन ने लगभग 51 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान करते हुए उपकेंद्र के फीडर हंसवर व भूलेपुर का उच्चीकरण करने की अनुमति दी। दोनों फीडरों की क्षमता 5-5 एमवी है। उसे अब उच्चीकृत करते हुए 10-10 एमवी के ट्रांसफार्मर लगाने की कार्रवाई गुरुवार से शुरू हो जाएगी। विभाग के इस निर्णय से उपभोक्ताओं ने खुशी का इजहार किया है।
फीडर के उच्चीकृत हो जाने से 35 गांवों की लगभग 60 हजार आबादी को इसका लाभ मिलेगा। इसमें हंसवर, भूलेपुर, औझीपुर, तिलकारपुर, मैंदीपुर, बरही एदिलपुर व डड़वा समेत आदि गांव है। क्षेत्र के प्रदीप तिवारी व दयाराम उपाध्याय आदि ने सरकार के इस निर्णय की सराहना की है। कहा कि फीडर की क्षमता बढ़ने से आपूर्ति में सुधार की पूरी उम्मीद है। इससे ट्रिपिंग, लो वोल्टेज आदि से निजात मिलेगी।
शुरू हुई आवश्यक प्रक्रिया
उपकेंद्र पर फीडरों की क्षमता बढ़ाने को लेकर आवश्यक प्रक्रिया शुरू हो गई है। गुरुवार से इस कार्य में तेेजी आ जाएगी। 10-10 एमवी के दोनों ट्रांसफार्मर आ गए हैं। उच्चीकरण के दौरान उपभोक्ताओं को आपूर्ति देने में कुछ दिक्कतें भी आएंगी। ऐसे में दोनों फीडर एक साथ नहीं चल पाएंगे। बारी-बारी से दोनों फीडर से आपूर्ति बहाल की जाएगी। एक सप्ताह के अंदर यह कार्य पूर्ण कर सुचारु आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। -रमेश कुमार त्रिपाठी, प्रभारी जूनियर इंजीनियर