अंबेडकरनगर। 11 हजार 304 तालाबों का सौंदर्यीकरण 4 अरब 48 करोड़ 54 लाख की लागत से कराया जाएगा। इसका प्रस्ताव मनरेगा योजना के तहत प्रशासन ने शासन को भेजा है। जल्द ही इसकी मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इस बीच बीते 6 वर्षों में जल संचयन के लिए तालाबों के सौंदर्यीकरण पर लगभग डेढ़ अरब रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन मौजूदा समय में ज्यादातर तालाब देखरेख के अभाव में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। और तो और तमाम दिशा-निर्देश के बावजूद इन तालाबों में पानी तक नहीं डाला जा सका है। ऐसे में लाखों रुपये खर्च कर सौंदर्यीकरण कराए गए यह तालाब अपनी उपयोगिता खोते जा रहे हैं।
लगातार गिरते जलस्तर पर अंकुश लगाने व जल संचयन को और मजबूत करने के लिए जिले में अब तक कुल 14 हजार 938 तालाबों की खुदाई कराई जा चुकी है। देखरेख के अभाव में ज्यादातर तालाब अस्तित्व खोते जा रहे हैं। दरअसल इन तालाबों की नियमित साफ-सफाई न होने व पानी न डालने से या तो इस पर अवैध कब्जा किया गया है या फिर इनमें बड़ी-बड़ी घासें उग आई हैं। शासन के निर्देश पर गत दिवस तालाबों के सौंदर्यीकरण व सुदृढ़ीकरण का कार्य प्रारंभ हुआ। 14 हजार 938 तालाबों के सापेक्ष बीते वित्तीय वर्षों में 3 हजार 634 तालाबों का सौंदर्यीकरण व सुदृढ़ीकरण कराया गया। इस पर 1 अरब 27 करोड़ 19 लाख व्यय हुआ। बड़ी धनराशि तालाबों के सौंदर्यीकरण पर खर्च तो कर दी गई, लेकिन मौजूदा समय में ज्यादातर तालाब क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इनमें बड़ी-बड़ी घासें उग आई हैं, जिससे यह तालाब अपनी उपयोगिता खोते जा रहे हैं।
मशीन से काम कराना होगा बेहतर
मनरेगा विभाग ने शेष बचे 11 हजार 304 तालाबों के सौंदर्यीकरण व सुदूढ़ीकरण के लिए शासन से 4 अरब 48 करोड़ 54 लाख 77 हजार 500 रुपये की मांग की है। भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया कि यदि मनरेगा मजदूरों से काम कराया जाता है, तो यह धनराशि खर्च करने व सभी तालाबों के सौंदर्यीकरण का कार्य पूर्ण करने में लगभग 9 वर्ष लगेंगे। प्रस्ताव में कहा गया कि यदि यही कार्य मशीन से कराया जाए, तो यह कार्य एक से दो वर्ष में पूर्ण हो जाएगा। साथ ही इसमें 1 अरब 43 करोउ़ 61 लाख रुपये व्यय होंगे। ऐसे में यदि व्यय व समय के आधार पर देखा जाए, तो मशीन से कार्य कराना बेहतर होगा।
बजट मिलते ही शुरू होगा काम
लगभग 11 हजार तालाबों का सौंदर्यीकरण कराया जाना है। इसके लिए 4 अरब से अधिक की धनराशि का प्रस्ताव किया गया है। इस राशि के मिलने पर क्रमवार तालाबों का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। फिलहाल तालाबों में पानी डाला जा सके, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। -गिरीशचंद्र पाठक, मनरेगा उपायुक्त