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आठ भूमिहीन ग्रामीणों ने बेच डाला 17 हजार कुंतल धान

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अंबेडकरनगर। धान खरीद की जांच में हैरान कर देने वाले आंकड़े सामने आए हैं। मरथुआ सरैया के एक ग्रामीण के नाम उसके खेत की वास्तविक उत्पादन क्षमता से 2240 गुना अधिक धान की बिक्री हो गई, जबकि इसी गांव के एक ग्रामीण ने अपने खेत की वास्तविक क्षमता से लगभग 1300 गुना अधिक धान बेच डाला। जांच में 8 भूमिहीन ग्रामीणों ने भी लगभग 17 हजार क्विंटल धान की बिक्री कर डाली। धान की खरीदारी करने में क्रय केंद्र प्रभारियों ने जिस तरह की सांठगांठ की, वह चौंकाने वाली रही। कारण यह कि जो 26 ग्रामीण व बिचौलिए पकड़ में आए हैं, उनमें से दो ने 53 बार धान की बिक्री की तो 1 ने 39 बार धान की बिक्री की। अन्य ग्रामीणों के नाम पर भी कई कई बार अलग-अलग क्रय केंद्रों पर धान बेचे गए।
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धान की खरीद के नाम पर जिस तरह का खुला खेल जिले में चला उसका पूरा खुलासा गुरुवार को हुआ तो अप्रत्याशित परिणाम सामने आए। डीएम सुरेश कुमार ने बताया कि धान खरीद में नियमों की धज्जियां इस तरह उड़ाई गई कि मरथुआ सरैया निवासी सूर्य प्रकाश वर्मा के नाम 1390 वर्ग मीटर वास्तविक भूमि प्रशासन ने पाया। इस पर औसत उत्पादन के हिसाब से 5 क्विंटल धान की पैदावार होती। हालांकि सूर्य प्रकाश के नाम से पांच अलग-अलग आईडी बनाकर 11 हजार 200 क्विंटल धान की बिक्री 53 बार में की गई। सूर्य प्रकाश की मां राजकुमारी के नाम भूमि के हिसाब से चार क्विंटल धान की पैदावार बनती थी, लेकिन 7 हजार 600 कुंतल धान की बिक्री उनके नाम पर हो गई। 39 बार राजकुमारी के नाम से धान बेचा गया। इसी गांव के अमित कुमार के पास जो भूमि है, उसके अनुसार आठ क्विंटल धान का उत्पादन होता, लेकिन उनके नाम पर कुल 53 बार 10 हजार 330 क्विंटल धान की बिक्री सरकारी केंद्रों पर हुई। इसमें उनके नाम से सात आईडी का प्रयोग किया गया। वनगांव डिहवा निवासी विमला देवी के पास कृषि भूमि के अनुसार 7 क्विंटल धान का अधिकतम उत्पादन हो सकता था, लेकिन 20 अलग-अलग बार में उनके नाम से 3 हजार 620 क्विंटल धान की बिक्री की गई। ऐसे ही कई अन्य किसानों के नाम से बिक्री का खेल किया गया। इसके अलावा हाशिमगढ़ छितुनी निवासी दयाशंकर वर्मा, मरथुआ सरैया निवासी मनोज वर्मा, गड़ेरिया का पुरवा गोशाईगंज फैजाबाद निवासी सुनील तिवारी, चाचिकपुर निवासिनी उपासना सिंह, ताजूपुर निवासी अमित कुमार मिश्र, हाशिमपुर छितुनी निवासी रविशंकर, गांव निवासी विजयशंकर तथा मरथुआ सरैया निवासी घनश्याम के नाम कोई कृषि भूमि नही पाई गई, लेकिन इन 8 भूमिहीन व्यक्तियों के नाम से लगभग 17 हजार क्विंटल धान की बिक्री कर ली गई।
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