अंबेडकरनगर। सीबीएसई बोर्ड की 12वीं परीक्षा परिणाम में रेडियंट इंटर कॉलेज की श्रुति उपाध्याय ने 96.6 प्रतिशत अंक के साथ जिला टॉप किया। इसी विद्यालय की वाहिबा जावेद ने 96 फीसदी अंक के साथ दूसरा तथा अभिषेक मिश्र व शिवांश सोनी ने 95 प्रतिशत अंक के साथ संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त किया। श्रुति, वाहिबा एवं शिवांश ने आईएएस बनकर देश की सेवा करने का संकल्प लिया है, तो वहीं अभिषेक ने इंजीनियर बनने का जज्बा दिखाया है। इससे पहले शनिवार को परीक्षा परिणाम आने के साथ ही मेधावी छात्र-छात्राएं खुशी से झूम उठे।
सीबीएसई बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा के परिणामों को लेकर विद्यार्थियों में शनिवार सुबह से ही उत्सुकता बढ़ गई थी। समय बीतने के साथ उनके चेहरे पर परिणामों को लेकर तनाव की लकीरें भी उत्पन्न होने लगी थीं। हालांकि दोपहर बाद परिणाम सामने आते ही मेधावी छात्र-छात्राओं के चेहरे खुशी से चमक उठे। परिणामों में इस बार रेडियंट इंटर कॉलेज के छात्र छात्राओं ने अपनी धमक साफ तौर पर स्थापित किया। इस विद्यालय के ही छात्र-छात्राओं ने जिले में प्रथम तीन स्थान प्राप्त किए। विज्ञान वर्ग की छात्रा श्रुति उपाध्याय ने 96.6 प्रतिशत अंक के साथ जिला टॉप कर विद्यालय व परिवार का नाम रोशन किया। विज्ञान वर्ग की ही दूसरी छात्रा वाहिबा जावेद 96 प्रतिशत अंक के साथ जिले में दूसरे स्थान पर रहीं। इसी विद्यालय के विज्ञान वर्ग के छात्र अभिषेक मिश्र 95 प्रतिशत अंक हासिल कर टॉपर सूची में संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे। वे इंजीनियर बनना चाहते हैं। रेडियंट विद्यालय के ही कामर्स वर्ग के छात्र शिवांश सोनी ने भी 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किया। उनकी इच्छा आईएएस बनने की है।
परिणामों में डीएवी पब्लिक स्कूल आसोपुर, डालिम्स विद्युतनगर, श्रीकृष्णा चिल्ड्रेन एकेडमी रामनगर, हेरा पब्लिक स्कूल हंसवर, डिवाइन पब्लिक स्कूल बरधाभिउरा व तक्षशिला एकेडमी के छात्र छात्राओं ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
आईएएस बन देश की सेवा करना चाहती है श्रुति
इंटरमीडिएट सीबीएसई परीक्षा परिणाम में 96.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिला टॉप करने वाली श्रुति उपाध्याय का सपना आईएएस बनने का है। श्रुति ने सफलता का श्रेय माता, पिता व बड़े भाई के साथ ही गुरुजनों को दिया है। कहा कि परीक्षा से पहले उन्होंने जो टिप्स दिए, उसी के चलते उन्होंने यह सफलता हासिल की है। कहा कि शुरुआत से उनका सपना आईएएस बनकर देश की सेवा करने का था, जिसे वह जरूर पूरा करेगी। पिता सचींद्र उपाध्याय मेम्बर/मजिस्ट्रेट जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड अंबेडकर ने कहा कि उन्होंने जो उम्मीद की थी, उसी के अनुरूप परिणाम सामने आया। पुत्री के आईएएस बनने का सपना पूरा करने के लिए जो भी सहयोग होगा, वह जरूर करेंगे। गृहणी माता अनुपमा उपाध्याय ने पुत्री की सफलता पर कहा उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है। बड़े भाई रितेश उपाध्याय मौजूदा समय में टेकिभनकल आफीसर बैंक ऑफ इंडिया बड़ौदा में हैं, जबकि छोटा भाई वेंकेटेश उपाध्याय कक्षा नौ का छात्र है।
वाहिबा का भी आईएएस बनना है लक्ष्य
सीबीएसई इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम शनिवार को सामने आया, तो जिले में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाली विज्ञान वर्ग की छात्रा वाहिबा जावेद के घर में खुशी की लहर दौड़ गई। देर शाम तक बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। अभिभावकों ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि उम्मीद के अनुसार परिणाम आया है। उन्हें अपनी पुत्री पर गर्व है। कहा कि उम्मीद है कि इस सफलता को आगे भी कायम रखेगी। उधर वाहिबा जावेद ने अपनी सफलता का श्रेय माता पिता व गुरुजनों को देते हुए कहा कि बगैर उनके मार्ग दर्शन के इस सफलता को हासिल नहीं किया जा सकता है। वाहिबा ने उसका सपना आईएएस बनकर समाजसेवा करने का है।
अभिषेक की इंजीनियर बनने की इच्छा
जिले में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले अतरौलिया निवासी अभिषेक मिश्र इंजीनियर बनकर देश का नाम रोशन करना चाहते हैं। सीबीएसई इंटरमीडिएट परीक्षा में विज्ञान वर्ग के छात्र अभिषेक को 95 प्रतिशत अंक हासिल हुआ है। सफलता का श्रेय परिवारीजनों व गुरुजनों को देते हुए कहा कि उनका शुरुआत से ही इंजीनियर बनने की तरफ रुझान था। बड़ा भाई अविनाश मौजूदा समय में नीट की तैयारी कर रहा है। अतरौलिया बाजार में मेडिकल स्टोर का संचालन करने वाले पिता अरविंद कुमार मिश्र ने कहा कि उन्हें अपने दोनों पुत्र पर गर्व है। शनिवार को जो परिणाम आया, वह उम्मीद के अनुरूप था। गृहणी माता शिवकुमारी ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि उनके पुत्र ने जो सपना देखा है, वह अवश्य पूरा होगा।
आईएएस बनना चाहता है शिवांश
जलालपुर। सीबीएसई बोर्ड मेरिट सूची में तीसरे स्थान पर रहने वाले छात्र शिवांश सोनी का सपना आईएएस बनना है। रेडियंट चिल्ड्रेन एकेडमी जलालपुर के कामर्स वर्ग के छात्र शिवांश को 95 प्रतिशत अंक मिला है। उनका कहना है कि वे आईएएस बनना चाहते हैं। इसके लिए उनके परिवार के लोग भी उनके साथ हैं। पिता मनोज सोनी व मां रंजना सोनी ने पुत्र की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें अपने बेटी की सफलता पर गर्व है। शिवांश का बड़ा भाई शशांक सिविल इंजीनियर है। शिवांश ने कहा कि वे बड़े भाई से प्रेरित होकर आईएएस बनना चाहता है।