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3 अरब रुपये से जिले के विकास को मिली हरी झण्डी

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अंबेडकरनगर। जिले के विकास के लिए बुधवार को जिला योजना समिति ने प्रभारी मंत्री डॉ. एसपी सिंह बघेल की अध्यक्षता में लगभग तीन अरब रुपये के बजट को सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान की। तय किया गया कि संबंधित रकम से जिले का व्यापक विकास सुनिश्चित किया जाएगा। लोगों की बुनियादी सुविधाओं को और मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनसमस्याओं के निस्तारण के लिए प्रभावी ढंग से कार्य किए जाएं। उधर बाद में नवनिर्मित जीएसटी भवन का भी प्रभारी मंत्री ने लोकार्पण किया।
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अकबरपुर नगर स्थित लोहिया भवन परिसर में आयोजित जिला योजना समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रभारी मंत्री डॉ. एसपी सिंह बघेल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के विकास में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। योजनाओं का समुचित लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। जो निर्माण कार्य चल रहे हैं, उन्हें निर्धारित समयावधि में पूरा करने के साथ ही उनकी गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जाए। जिलाधिकारी सुरेश कुमार ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का पात्रों को समुचित लाभ मिल सके, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। समय-समय पर जनप्रतिनिधियों व गणमान्य लोगों से आवश्यक फीडबैक भी लिया जाता रहता है।
उधर जिला विकास अधिकारी मथुरा प्रसाद मिश्र ने बताया कि बैठक में जिले के चहुंमुखी विकास के लिए 2 अरब 91 करोड़ 86 लाख रुपये का प्रस्ताव समिति के समक्ष रखा गया। इसे सर्वसमत्ति से मंजूरी प्रदान कर दी गई। बताया कि कृषि विभाग को 24 लाख, गन्ना विकास विभाग को 15 लाख 43 हजार, लघु सीमांत किसानों को 324.45 लाख, पशुपालन विभाग को 178.62 लाख, दुग्ध विकास को 179.43 लाख, वन विभाग को 801.04 लाख, निजी लघु सिंचाई को 761.24 लाख, ग्राम्य विकास के विशेष कार्यक्रमों के लिए 677.94 लाख, रोजगार कार्यक्रम के लिए 8874.82 लाख, पंचायतीराज को 800 लाख, राजकीय लघु सिंचाई को 87.95 लाख, अतिरिक्त उर्जा स्रोत को 89.7 लाख, खादी ग्रमोद्योग को 16.50 लाख, सड़क एवं पुल के लिए 3000 लाख, पर्यावरण के लिए 2 लाख, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लिए 1 लाख, पर्यटन के लिए 75 लाख, प्राथमिक शिक्षा के लिए 42 लाख, माध्यमिक शिक्षा के लिए 154.49 लाख, होमियोपैथिक के लिए 75 लाख, एलोपैथ के लिए 630 लाख, आयुर्वेद के लिए 89 लाख, ग्रामीण पेयजल व ग्राम्य विकास के लिए 424.54 लाख, ग्रामीण स्वच्छता के लिए 2748 लाख, ग्रामीण आवास के लिए 6489.60 लाख, नगर विकास के लिए 91.28 लाख, अनुसूचित जाति कल्याण के लिए 65 लाख, पिछड़ी जाति कल्याण के लिए 145 लाख, अल्पसंख्यक कल्याण के लिए 10 लाख, समाज कल्याण सामान्य जाति के लिए 16.85 लाख, दिव्यांग कल्याण के लिए 91.50 लाख तथा महिला कल्याण के लिए 219.96 लाख आदि का परिव्यय निर्धारित किया गया। ऐसे में कुल लगभग 3 अरब की लागत से जिले में विभिन्न प्रकार के विकास कार्य होंगे। बैठक में सीडीओ उमेशनरायन पाण्डेय, एडीएम गिरिजेश त्यागी, पीडी डीआरडीए प्रदीप पाण्डेय, डीपीआरओ मयाशंकर मिश्र, डीआईओएस विनोद सिंह, बीएसए अतुल कुमार सिंह, सूचना अधिकारी जेपी सिंह व अकबरपुर विधायक प्रतिनिधि बालमुकुंद धुरिया आदि मौजूद रहे।
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जनप्रतिनिधियों ने दिया गुणवत्ता पर जोर
सांसद हरिओम पांडेय ने जिला योजना समिति में कार्यों की गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा कि बुनियादी सुविधाओं पर काम करते समय आमलोगों की जरूरतों का ध्यान रखा जाए। विभागों को निर्देशित करते हुए कहा कि कार्य गुणवत्तापरक ढंग से पारदर्शिता के साथ हों। विधायक जलालपुर रितेश पांडेय व टांडा विधायक संजू देवी ने अधिकारियों से कहा कि मार्ग निर्माण, विद्युतीकरण, जलनिकासी तथा आवास आदि के निर्माण में पात्रों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए।

स्पष्ट प्रस्ताव देने के निर्देश
बैठक में कई जनप्रतिनिधियों ने खर्च को लेकर स्पष्ट प्रस्ताव न मिलने का उल्लेख करते हुए नाराजगी जताई। कहा गया कि जो भी खर्च हों, उसका स्पष्ट प्रस्ताव उन्हें मिलना चाहिए। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनप्रतिनिधियों को सभी जरूरी चीजें उपलब्ध कराई जाएं।
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