अंबेडकरनगर। तापमान बढ़ने के साथ ही जिले में पेयजल का संकट गहराने लगा है। क्रिटिकल जोन घोषित हो चुके भीटी व आंशिक अकबरपुर व कटेहरी विकास खंडों में अभी से परेशानी शुरू हो रही है। यहां हैंडपंपों ने जवाब देना शुरू कर दिया है। जलनिगम द्वारा ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। भीषण गर्मी पड़ने पर पेयजल संकट और भी गहरा सकता है।
लगातार बढ़ते तापमान के साथ पेयजल का संकट भी गहराने लगा है। क्रिटिकल जोन में शामिल क्षेत्रों में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। इनमें भीटी विकास खंड के अलावा कटेहरी व अकबरपुर कुछ क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। जो चल रहे हैं उनमें दूषित पानी आ रहा है जिले में सामान्य जलस्तर 35 फिट माना गया था। जलस्तर गिरने के चलते अब यह 55 फीट हो गया है। नतीजतन संबंधित क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है।
शहरी क्षेत्रों में भी बढ़ा संकट
बढ़ते तापमान का ग्रामीण क्षेत्रों में तो प्रभाव पड़ ही रहा है। जिला मुख्यालय पर ही जलस्तर गिरने से तमाम साधारण हैंडपंपों ने पानी देना बंद या कम कर दिया। मीरानपुर, रसूलपुर हौजपट्टी, गोविदगनेशपुर, शहजादपुर आदि क्षेत्रों में लगभग डेढ़ दर्जन साधारण हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। कुछ से दूषित पानी निकल रहा है। सुचारु पेयजल व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार अधिकारी कोई कदम नहीं उठा रहे। आने वाले समय में पेयजल संकट गहराने के आसार है।
पेयजल के लिए उठानी पड़ रही मुश्किल
भीटी के रामसिंगार व रामबख्श सिंह ने कहा कि भीटी विकास खड को क्रिटिकल जोन में है। पर इसके बावजूद पेयजल के लिए कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। बेवाना के घनश्याम विश्वकर्मा व राजितराम ने कहा कि प्रत्येक वर्ष गर्मी में पेयजल का संकट गहरा जाता है। इसके बावजूद गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। ऐसे में इस संकट से लोगों को निजात दिलाने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाना चाहिए।
उठाए जा रहे ठोस कदम
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था दूर करने के लिए सभी विधानसभा क्षेत्रों में विधायक निधि से 100-100 हैंडपंप लगाए जाएंगे। शहरी क्षेत्रों में लोगों को सुचारु पेयजल उपलब्ध हो सके, इसके लिए जिला योजना की बैठक में 80 नए हैंडपंप व 85 पुराने हैंडपंपों को रिबोर कराए जाने के प्रस्ताव को जिला योजना की बैठक में मंजूरी मिल गई है। शीघ्र ही कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा। -महेंद्रराम, अधिशाषी अभियंता जलनिगम