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शालिनी, सुशीला व इशरत ने बढ़ाया कार्यो से जिले का मान

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विद्युतनगर/महरुआ (अंबेडकरनगर)। बेहतर कार्यों के बदौलत रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित होकर दो ग्राम प्रधान इशरत जहां व सुशीला वर्मा तथा सामाजिक कार्यकर्ता शालिनी ने जिले का मान बढ़ाया है। इस बीच गुरुवार को दोनों प्रधान व सामाजिक कार्यकत्री के परिवारीजनों में पुरस्कार मिलने को लेकर खासी खुशी का माहौल देखा गया। परिवार के सदस्यों ने कहा कि यह पुरस्कार मिलने से अन्य महिलाओं को पूरी जिम्मेदारी व निष्ठा के साथ कार्यों को अंजाम देने की प्रेरणा मिलेगी।
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गौरतलब है कि राज्य सरकार ने गत दिवस टांडा तहसील के रसूलपुर मुबारकपुर की ग्राम प्रधान इशरत जहां तथा रामपुर कला की ग्राम प्रधान सुशीला वर्मा के अलावा भीटी तहसील के सेहरा जलालपुर गांव निवासिनी सामाजिक कार्यकर्ता शालिनी चौहान को रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार के लिए चुना। गुरुवार को इन्हें लखनऊ में आयोजित भव्य कार्यक्रम में पुरस्कृत भी किया गया। इसे लेकर संबंधित महिलाओं के परिवारीजनों तथा क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल देेखने को मिला। विद्युतनगर प्रतिनिधि के अनुसार रामपुर कला की ग्राम प्रधान सुशीला वर्मा को स्वच्छता अभियान में प्रभावी भागीदारी कर गांव के ओडीएफ बनाने के लिए रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार दिया गया है। गुरुवार को उनके गांव पहुंचने पर परिवार के सदस्यों में व्यापक उल्लास देखने को मिला। परिवार के सदस्यों अनिल कुमार व अरविन्द ने कहा कि पूरी सक्रियता के साथ गांव के विकास के लिए काम करने का फल मिला है। प्रियंका, गोदावरी व शिवांगी आदि ने कहा कि यह पुरस्कार मिलने से वे सब गौरवान्वित है। इसका असर अन्य महिलाओं के बीच भी सकारात्मक जाएगा।
रसूलपुर मुबारकपुर की ग्राम प्रधान इशरत जहां को भी विशेष स्वच्छता अभियान तथा विकास कार्यों के लिए पुरस्कार से चयनित किया गया है। गुरुवार को घर पर मिले इशरत के चचेरे ससुर पूर्व प्रधान मसूद आजम ने कहा कि महिला जनप्रतिनिधियों का इस तरह सम्मानित होना लोकतंत्र की मजबूती का परिचायक है। महरुआ प्रतिनिधि के अनुसार सेहरा जलालपुर गांव निवासिनी शालिनी चौहान को बाल विवाह रोकने की दिशा में प्रभावी कदम बढ़ाने के लिए सम्मानित किया गया है। अकबरपुर के रामसमुझ सूरसती महाविद्यालय में बीए तृतीय वर्ष की छात्रा ने न सिर्फ स्वयं कम उम्र में ही विवाह करने से इन्कार कर दिया वरन कई अन्य बालिकाओं को इसके लिए संकल्प दिलाया। बेटी के प्रयासों पर अब पिता ब्रम्हादीन समेत पूरे परिवार को नाज है। गुरुवार को गांव में मिली मां पूनम ने कहा कि उन्हें गर्व है कि पूनम जैसी बेटी उनके पास है।
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