अंबेडकरनगर। जिले के बसखारी, मखदूमसराय व बंदीदासपुर में लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक पशु अस्पताल का निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। निर्माण में किसी प्रकार की आर्थिक बाधा न उत्पन्न हो, इसके लिए गत दिवस ही शासन से विभाग को आवश्यक धनराशि उपलब्ध करा दी गई है। तीनों अस्पतालों के निर्माण से लगभग 75 हजार पशुपालकों को लाभ मिलेगा। बसखारी में अब तक अत्यंत जर्जर भवन में पशु चिकित्सालय संचालित था, जबकि बंदीदासपुर में किराए के भवन में। इसके अलावा न्यौरी बाजार में लगभग 6 लाख रुपये की लागत से पशु सेवा केंद्र का भी निर्माण कराया जाएगा। इससे लगभग 10 हजार पशुपालकों को लाभ मिलेगा।
गौरतलब है कि पशुपालन में अंबेडकरनगर का प्रदेश में अग्रणी जिलों में शुमार है। लगभग 23 लाख की आबादी वाले जिले में साढ़े चार लाख पशुपालक हैं। पशुओं के समुचित इलाज व टीकाकरण के लिए मौजूदा समय में 18 पशु अस्पताल संचालित हैं। इसमें बंदीदासपुर में किराए के भवन में पशु अस्पताल संचालित हो रहा है, जबकि बसखारी में स्थित पशु अस्पताल पूरी तरह जर्जर हो चुका है। वहीं मखदूमसराय के पशुपालकों को पशुओं के इलाज के लिए इल्तिफातगंज स्थित पशु अस्पताल तक की दौड़ लगाना पड़ता था। गत दिवस जिला योजना की बैठक में प्रभारी मंत्री एसपी सिंह बघेल के समक्ष पशु अस्पताल निर्माण कराए जाने का प्रस्ताव रखा गया था। प्रभारी मंत्री ने तीनों स्थानों पर नए भवन निर्माण कराए जाने का आश्वासन दिया था।
इस बीच आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद शासन ने बीते दिर्नों मखदूमसराय में नए पशु अस्पताल के निर्माण के लिए 42 लाख रुपये की राशि पशु पालन विभाग को उपलब्ध करा दी है। इसके अलावा एक दिन पहले ही बसखारी व बंदीदासपुर में अस्पताल भवन निर्माण के लिए डेढ़ करोड़ रुपये भी उपलब्ध करा दिया है। धन उपलब्ध होने के साथ ही अब तीनों स्थानों पर पशु अस्पताल भवन निर्माण का कार्य शीघ्र ही शुरू करा दिया जाएगा। इससे लगभग 75 हजार पशुपालकों को लाभ मिलेगा। इतना ही नहीं रामनगर विकास खंड के न्यौरी बाजार में लगभग 6 लाख रुपये की लागत से पशु सेवा केंद्र की भी स्थापना की जाएगी। इससे लगभग 10 हजार पशु पालकों को लाभ मिलेगा।
शीघ्र शुरू होगा निर्माण कार्य
बसखारी, मखदूमपुर व बंदीदासपुर में पशु अस्पताल भवन निर्माण के लिए शासन से लगभग दो करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है। शीघ्र ही तीनों स्थान पर भवन निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा। -डॉ. आरके सक्सेना, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी