टांडा (अंबेडकरनगर)। देश में बढ़ रहे मल्टी ड्रग रजिस्टेंट (एमडीआर) टीबी रोगियों की रोकथाम की दिशा में प्रभावी प्रयास करने की जरूरत है। लोगों को जागरूक होने के साथ ही समय समय पर अपने स्वास्थ्य का परीक्षण कराते रहना चाहिए। इससे ही हम गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं। उक्त बातें शुक्रवार को राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में एमडीआर टीबी सेंटर का शुभारंभ करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कृष्णगोपाल सिंह ने कही।
सीएमओ ने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में हम गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। इनमें टीबी बीमारी भी शामिल है, जो काफी घातक है। यदि समय से उपचार न सुनिश्चित हो तो यह जानलेवा भी साबित हो जाता है। कहा कि एमडीआर टीबी सेंटर का शुभारंभ होने से जिले के मरीजों को जांच में काफी आसानी होगी। उन्होंने लोगों से इसका लाभ उठाने का आह्वान किया। प्रधानाचार्य डॉ. पीके सिंह ने बताया कि टीबी के जिन मरीजों को उपचार के लिए जिले से बाहर जाना पड़ता था, अब उन्हें मेडिकल कॉलेज में यह सेवा उपलब्ध रहेगी। इस मौके पर जिला क्षय रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. सालिकराम पासवान, मुख्य नियंता डॉ. सुजीत राय, क्षय रोग नियंत्रण के नोडल अधिकारी डॉ. उमेश वर्मा, विभागाध्यक्ष डॉ. मुकुल सक्सेना, जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. अशोक गुप्त आदि मौजूद रहे।
सीएमओ डॉ. कृष्णगोपाल सिंह ने बताया कि टीबी के एमडीआर मरीजों के बेहतर इलाज की सुविधा भी अब मेडिकल कालेज में मिलेगी। अभी तक जिला अस्पताल व नगपुर सीएचसी में ही एमडीआर टीबी से जुड़े मरीजों की जांच की सुविधा थी। अब यह सुविधा मेडिकल कॉलेज में भी उपलब्ध हो गई है। अभी तक ऐसे गंभीर मरीजों को रेफर कर दिया जाता था। कहा कि मेडिकल कॉलेज में जांच व इलाज की सुविधा उपलब्ध होने से अब टीबी के गंभीर मरीजों को लखनऊ या फिर अन्य बड़े शहरों में स्थित अस्पतालों तक की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।