अंबेडकरनगर। पूर्व मंत्री व वरिष्ठ बसपा नेता लालजी वर्मा के पुत्र विकास के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार गुरुवार को पैतृक गांव मोहिद्दीनपुर में नम आंखों के बीच हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि, गणमान्य लोग व शुभचिंतक मौजूद रहे।
बताते चलें कि एक दिन पहले बुधवार को पूर्व मंत्री नेता लालजी वर्मा के इकलौते पुत्र विकास वर्मा ने लखनऊ स्थित आवास पर लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मार ली थी। गंभीरावस्था में उसे ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया था, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था। विकास की मौत की जानकारी जिले में पहुंची, तो शोक की लहर दौड़ गई थी। देर शाम जब तक विकास का शव पैतृक गांव मोहिद्दीनपुर पहुंचता, तब तक तक बड़ी संख्या में विभिन्न राजनीतिक दलों के लोगों के साथ ही गणमान्य लोग व शुभचिंतक पहुंच गए थे। इस बीच गुरुवार को अंतिम संस्कार के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। दलीय प्रतिबद्धताएं टूटती दिखीं। गांव के बाहर ग्रामीण शिक्षण संस्थान परिसर में पिता लालजी वर्मा ने पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी, तो वहां मौजूद लोग अपने आंसू नहीं रोक सके। लोगों का कहना था कि एक पिता के लिए इससे बड़ा दुख और क्या हो सकता है कि वह अपने इकलौते युवा पुत्र को मुखाग्नि दे।
इस मौके पर पूर्व मंत्री व वरिष्ठ सपा नेता आजम खां तथा अहमद हसन लखनऊ से चलकर वहां पहुंचे। दोनों ने पूर्व मंत्री व उनके परिवारीजनों को ढांढस बंधाया। बसपा प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर, पूर्व सांसद राकेश पांडेय, पूर्व मंत्री गोपीनाथ वर्मा, एमएलसी व सपा जिलाध्यक्ष हीरालाल यादव, जलालपुर विधायक रितेश पांडेय, टांडा विधायक संजू देवी, पूर्व एमएलसी विशाल वर्मा, धर्मवीर सिंह बग्गा, वरिष्ठ सपा नेता रमेश सेठ, गिरीश वर्मा, अतुल वर्मा, जिपं सदस्य साधू वर्मा, नगर पालिका परिषद टांडा अध्यक्ष नसीम रेहाना अंसारी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सै. मेराजुद्दीन किछौछवी, बसपा जिलाध्यक्ष रामशिरोमणि वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष शिवनायक वर्मा, पूर्व सपा जिलाध्यक्ष रामसकल यादव आदि मौजूद रहे।