अंबेडकरनगर। पूर्व मंत्री व बसपा विधान मंडल दल के नेता लालजी वर्मा के पुत्र विकास वर्मा ने एक वर्ष पहले भी गोली मारकर खुदकुशी का प्रयास किया था। उस समय उनकी जान बच गई थी, लेकिन बुधवार को लखनऊ स्थित आवास पर नजदीक से गोली मारे जाने के चलते विकास की जान नहीं बच सकी। इस बीच पूर्व मंत्री के पुत्र की खुदकुशी किए जाने की खबर जिले में पहुंची, तो शोक की लहर दौड़ गई। पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार गुरुवार को टांडा तहसील क्षेत्र के उनके पैतृक गांव मोहिउद्दीनपुर में सुबह नौ बजे किया जाएगा। वहीं देर शाम गांव में शव पहुंचते ही कोहराम मच गया।
बुधवार दोपहर जिले में यह खबर मिलते ही लोग सन्न रह गए कि पूर्व मंत्री व कटेहरी विधायक लालजी वर्मा के इकलौते पुत्र विकास वर्मा ने खुद को गोली मार ली है। विकास का कुशलछेम जानने के लिए लोगों ने फोन घनघनाना शुरू कर दिया। हर किसी को उम्मीद थी कि शायद विकास की जान इस बार भी बच जाए। कारण यह कि विकास ने लगभग एक वर्ष पहले 12 मार्च 2017 को भी आत्महत्या करने के लिए खुद को गोली मार ली थी। घटना को विकास ने अकबरपुर नगर के बनगांव रोड स्थित अपने हेल्थ क्लब परिसर के एक कमरे में अंजाम दिया था। गोली लगने के बाद परिवारीजन उसे लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे थे, जहां चिकित्सकों के अथक प्रयास के बाद जान बच गई थी।
बुधवार को भी जब विकास द्वारा खुद को गोली मारे जाने की खबर यहां पहुंची, तो भी बसपा कार्यकर्ताओं व शुभचिंतकों को यह उम्मीद हुई कि शायद गत वर्ष जैसा ही इस बार भी बेहतर ही हो जाए। बताते चलें कि पूर्व मंत्री के लखनऊ के गोमतीनगर स्थित आवास पर बुधवार को विकास ने पूर्वाह्न गोली मार ली थी। ट्रॉमा सेंटर पहुंचने पर चिकित्सकों ने विकास को मृत घोषित कर दिया।
गत वर्ष फेसबुक पर भावुक पोस्ट डाल घटना को दिया था अंजाम
विकास ने गत वर्ष भी जब आत्महत्या करने के लिए खुद को गोली मारी थी, तब उसने फेसबुक पर सुसाइड नोट लिखा था। अत्यंत भावनात्मक ढंग से विकास ने पहले फेसबुक पर लंबी पोस्ट लिखी। इसमें उसने जीवन से ऊब जाने का उल्लेख करते हुए कहा था कि उसके दोनों बच्चों का बेहतर देखभाल किया जाए। फेसबुक पोस्ट से खुदकुशी की खबर मिलने के बाद कई दोस्तों ने उसे पोस्ट पर ही ऐसा न करने को कहा, लेकिन तब तक वह घटना को अंजाम दे चुका था।
देर शाम गांव पहुंचा शव, कार्यकर्ताओं ने परिवारीजनों को बढ़ाया ढांढस
विकास का शव लखनऊ में पोस्टमार्टम के बाद बुधवार देर शाम टांडा तहसील क्षेत्र के पैतृक गांव मोहिउद्दीनपुर पहुंचा, तो वहां कोहराम मच गया। शव पहुंचने से पहले ही बड़ी तादाद में बसपा नेता, कार्यकर्ता व शुभचिंतक पहुंच गए थे। शव पहुंचते ही वहां चीख पुकार मच गई। पूर्व मंत्री समेत अन्य परिवारीजनों को ढांढस बंधाते समय लगभग सभी लोग भावुक हो उठे। इस बीच तय हुआ है कि पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार गुरुवार को गांव में ही पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ किया जाएगा।