अंबेडकरनगर। यूपी बोर्ड परीक्षा में सख्ती के चलते बुधवार को कुल 5 हजार 777 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। हाईस्कूल हिंदी व इंटरमीडिएट संगीत गायन परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए सभी पांच सचल दल टीमें लगातार भ्रमण करती रहीं। हालांकि दूसरे दिन भी व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर नहीं आ सकी। आलापुर व जलालपुर तहसील अंतर्गत कुछ परीक्षा केंद्रों पर सुचारु ढंग से सीसीटीवी कैमरे नहीं चल सके। इसके अलावा पेयजल व प्रकाश की भी समुचित व्यवस्था नहीं थी। दूसरे दिन भी कोई नकलची नहीं पकड़ा जा सका।
गौरतलब है कि एक दिन पहले मंगलवार से जिले के 107 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा प्रारंभ हुई थी। शासन के निर्देश पर की जाने वाली सख्ती का नतीजा रहा कि पहले ही दिन 4 हजार 877 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी थी। परीक्षा छोड़ने का सिलसिला दूसरे दिन बुधवार को भी जारी रहा। बुधवार को प्रथम पाली में हाईस्कूल हिंदी व इंटरमीडिएट संगीत गायन की परीक्षा थी। कुल 47 हजार 314 परीक्षार्थियों को भाग लेना था। 41 हजार 537 ने ही परीक्षा दी। 5 हजार 777 ने परीक्षा छोड़ दी। इसमें हाईस्कूल हिंदी विषय की परीक्षा में 47 हजार 291 परीक्षार्थियों को बैठना था। 5 हजार 775 ने परीक्षा से दूरी बनाए रखी। 41 हजार 516 परीक्षार्थियों ने संबंधित केंद्रों पर पहुंचकर परीक्षा दी। इसी प्रकार प्रथम पाली में ही इंटरमीडिएट संगीत गायन की परीक्षा में 23 परीक्षार्थियों के सापेक्ष 21 ने परीक्षा दी, जबकि 2 ने इम्तिहान छोड़ दिया। द्वितीय पाली में इंटरमीडिएट बीमा सिद्धांत एवं व्यवहार व सामान्य आधारित प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा हुई।
उधर नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए जिन पांच सचल दल टीम का गठन किया गया था, उन्होंने विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर जायजा लिया। साथ ही सीसीटीवी कैमरे का भी जायजा लिया। शिक्षा विभाग ने सभी 107 परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे के सुचारु ढंग से संचालित होने का दावा किया, लेकिन वास्तविकता इससे परे रही। बुधवार को भी आलापुर व जलालपुर के कुछ परीक्षा केंद्रों पर तीन घंटे की परीक्षा के दौरान सुचारु ढंग से सीसीटीवी कैमरे संचालित नहीं हो सके। बीच-बीच में मॉनिटर बंद होते रहे। इसके अलावा भीटी व कटेहरी विकास खंड में स्थित आधा दर्जन परीक्षा केंद्रों पर प्रकाश व पेयजल की भी समुचित व्यवस्था नहीं थी। इससे परीक्षार्थियों को व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ा। भीटी विकास खंड अंतर्गत एक परीक्षा केंद्र से बुधवार सुबह परीक्षा देकर निकले एक परीक्षार्थी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि एक तो परीक्षा कक्ष में प्रकाश की समुचित व्यवस्था नहीं थी, उस पर पेयजल का भी संकट था। कई बार कहने के बाद पेयजल की व्यवस्था की जा सकी।
सिर्फ परीक्षा के दौरान ही चले सीसीटीवी कैमरे
बुधवार को डीआईओएस विनोद सिंह ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया, तो उन्हें आधा दर्जन केंद्रों पर उन कक्षों में भी सीसीटीवी कैमरा चलता मिला, जिसमें परीक्षा नहीं हो रही थी। इस पर उन्होंने केंद्र व्यवस्थापक को निर्देशित किया कि सिर्फ परीक्षा के दौरान ही सीसीटीवी कैमरा चलाया जाए। साथ ही जिन कक्षों में परीक्षा हो रही हो, उसी के सीसीटीवी कैमरे चलाए जाएं। डीआईओएस ने कहा कि जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट तथा सचल दल टीम के सदस्य कभी भी सीसीटीवी का बैकअप देख सकते हैं। ऐसे में प्रश्नपत्र लिफाफा फाड़ने से लेकर कॉपी सील करने तक की प्रक्रिया को सुरक्षित रखा जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नहीं पकड़ा गया कोई नकलची
बुधवार को दोनों पालियों में परीक्षा कुशलतापूर्वक निपटी। कहीं से किसी भी प्रकार की शिकायत सामने नहीं आई। जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेटों के साथ साथ सचल दल की टीमों ने भी विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर जायजा लिया। दूसरे दिन भी कोई नकलची नहीं पकड़ा गया। -विनोद सिंह, डीआईओएस