अंबेडकरनगर। जिले के 30 शहीदों के घर तक पक्का मार्ग निर्माण होगा। उनकी स्मृति में पार्क का निर्माण कराने के साथ ही उनके नाम से भव्य गेट भी स्थापित कराया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन को निर्देशित किया गया है। पार्क व मार्ग निर्माण आदि के लिए सांसद निधि के अलावा संस्कृति मंत्रालय से लेकर जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत निधि का भी सदुपयोग होगा। इसके साथ ही प्रत्येक शहीद परिवार के किसी एक आश्रित को नौकरी भी दिलाई जाएगी। इसके लिए जिले में आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
राज्य व केंद्र सरकार शहीदों को सम्मान देने के लिए बड़े कदम के तौर पर सामने आई है। तय हुआ है कि सभी प्रकार के शहीदों की स्मृति में पार्क गेट व पक्के मार्ग का निर्माण कराया जाएगा। ऐसा इसलिए जिससे शहीदों को लेकर समाज में सकारात्मक संदेश दिया जा सके। इसमें सेना के अलावा अर्धसैनिक बल भी शामिल हैं। सिविल पुलिस, पीएसी आदि के भी जवान इस योजना में शामिल किए जा रहे, जिन्हें शहीद का दर्जा मिला हुआ है। योजना के तहत शहीदों के घर तक पक्का मार्ग निर्माण कराया जाएगा। यह मार्ग निर्माण पिच श्रेणी का होगा। शहीदों के सम्मान में एक पार्क स्थापित कराने के साथ ही भव्य गेट का भी निर्माण होगा। गेट का नामकरण शहीद की स्मृति में होगा। शहीद की प्रतिमा भी पार्क में स्थापित कराई जाएगी। इन कार्यों के लिए सांसद व विधायक निधि का इस्तमाल मुख्य तौर पर होगा। राज्य संस्कृति विभाग भी अपनी आवश्यक भागीदारी निभाएगा।
भीटी, अकबरपुर, जलालपुर, टांडा, जहांगीरगंज व बसखारी आदि विकास खंडों में कुल 30 से अधिक ऐसे शहीदों के परिवारीजनों को इस योजना का लाभ मिलेगा। शहीदों के घर तक पक्का मार्ग निर्माण कराने से समूचे गांव को बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। इसके अलावा पार्क व गेट निर्माण से शहीदों के प्रति युवा पीढ़ी को सकारात्मक संदेश देने में भी मदद मिलेगी। शहीदों के घर व गांव तक इस योजना को लागू करने के लिए भूमि उपलब्धता का कार्य जिला प्रशासन कराएगा। तहसीलों के माध्यम से भूमि की उपलब्धता तय होगी। इसके बाद वहां सांसद व विधायक निधि के अलावा जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत या अन्य निधियों के सदुपयोग से काम होगा। सांसद हरिओम पांडेय ने बताया कि भूमि उपलब्धता के लिए जिलाधिकारी को कह दिया गया है। आवश्यक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मोटे तौर पर 30 शहीदों की बात सामने आई है, लेकिन आंकड़े अभी जुटाए जा रहे हैं।
सम्मान के साथ जीवन बिता सकेंगे आश्रित
सांसद हरिओम पांडेय ने बताया कि शहीदों के आश्रितों को नौकरी का भी इंतजाम सरकार करेगी। जिन शहीद परिवार के किसी पात्र सदस्य को अब तक नौकरी नहीं मिली होगी, उन्हें सम्मान के साथ आगे का जीवन व्यतीत करने के लिए नौकरी दिलाई जाएगी। इसके लिए जरूरी इंतजाम तय कराए जाएंगे।
केंद्र व प्रदेश सरकार करेगी हर मदद
देश व समाज के लिए शहीद हुए सैनिकों, अर्धसैनिक बल के जवानों तथा सिविल पुलिसकर्मियों के सम्मान में भाजपा सरकार ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसमें प्रदेश व केंद्र से जो भी जरूरी मदद होगी, वह की जाएगी। सभी जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रतिनिधियों व गणमान्य नागरिकों से कहा गया है कि वे आवश्यक सूची उपलब्ध कराएं। जिला प्रशासन को इस बारे में निर्देशित किया गया है। मैं स्वयं इस दूरगामी योजना की मॉनीटरिंग कर रहा हूं। व्यक्तिगत तौर पर रुचि लेकर इस महत्वपूर्ण कार्य को अमलीजामा पहनाया जाएगा। -हरिओम पांडेय, सांसद