अंबेडकरनगर। गेहूं का बीज तैयार कर रहे किसानों के लिए खुशखबरी है। इस बार कृषि विभाग चार हजार किसानों को 3 करोड़ 90 लाख रुपए का अनुदान सौंपेगा। अनुदान का लाभ उन किसानों को दिया जाएगा जिनके खेतों में बीज विकास निगम, कृभको या आइएफएफडीसी संस्था अपनी देखरेख में बीज तैयार करा रही है। लक्ष्य के मुताबिक किसानों से 39 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद होगी। अनुदानित राशि में 75 फीसदी लाभ किसान को तथा 25 फीसदी राशि संबंधित संस्था को दिया जाएगा, जो बीज तैयार कराने में किसानों की मदद कर रही हैं। सरकार के निर्धारित लक्ष्य के अनुसार इस बार अंबेडकरनगर जनपद प्रदेश के अन्य जिलों से अधिक बीज तैयार करेगा।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार प्रत्येक वर्ष सभी जिलों को रबी व खरीफ आदि फसलों के शोधित बीज तैयार करने का लक्ष्य देती है। इस बार जिले को गेहूं बीज तैयार करने के लिए 39 हजार क्विंटल का लक्ष्य रखा गया है। बीज शोधन का कार्य करने वाली संस्था बीज विकास निगम, कृभको व आईएफएफ डीसी जिले में लगभग 4 हजार किसानों की भूमि चयनित कर बीज शोधन का कार्य देख रही हैं। संस्था से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी लगातार संबंधित किसानों से संपर्क स्थापित कर व फसलों का निरीक्षण आवश्यकतानुसार सुझाव भी दे रहे हैं। किसान फसल का बेहतर उत्पादन करें, इसके लिए न सिर्फ संबंधित संस्था गंभीर है, बल्कि कृषि विभाग ने भी इस बार किसानों को प्रोत्साहित करने के क्रम में कदम बढ़ाया है। उपकृषि निदेशक विनोद कुमार ने बताया कि इस बार शासन से प्रति क्विंटल बीज पर 1 हजार रुपए का अनुदान स्वीकृत हुआ है। जिले को इस बार 39 हजार क्विंटल गेहूं का बीज तैयार करना है। इसके लिए शासन से 3 करोड़ 90 लाख रुपए की अनुदान राशि स्वीकृति हुई है।
किसानों की बेहतरी के हो रहे प्रयास
सरकार के इस फैसले से बीज उत्पादन में सहयोग कर रहे किसानों का मनोबल बढ़ेगा। शासन का निर्देश है कि किसानों के उपज की खरीद करते समय निर्धारित खरीद दर के अलावा उन्हें अनुदान स्वरूप प्रति क्विंटल 750 रुपए का भुगतान किया जाए। साथ ही संबंधित संस्था को भी 250 रुपए प्रति क्विंटल की अनुदानित राशि दी जाए, जिसने बीज उत्पादन में किसान की मदद की है। शासन से बीज तैयार करने के लिए दिया गया यह लक्ष्य प्रदेश के अन्य जिलों से सर्वाधिक है। कृषि विभाग जिले के किसानों की बेहतरी के लिए लगातार प्रयासरत है। इसके चलते ही गत दिनों लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में जिले को सम्मानित होने का मौका भी मिला। -डॉ. धर्मराज सिंह, जिला कृषि अधिकारी