अंबेडकरनगर। पांच दिन की राहत के बाद रविवार को अचानक मौसम ने पलटी मारी। सुबह से घने कोहरे व सर्द हवाओं की चपेट में समूचा जनपद आ गया। घने कोहरे का आलम यह था कि पूर्वाह्न तक सड़कों पर लाइट जलाकर वाहन चलाने को मजबूर होना पड़ा। वहीं 2.6 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही पछुआ हवाओं से रात का तापमान और लुढ़क गया। जिससे शाम होते ही लोगों को फिर कंपकंपी छूटने लगी। रविवार को अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम 4 डिग्री रहा। नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार अभी एक-दो दिन तक मौसम में कुछ खास बदलाव नहीं दिख रहे हैं। उधर अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। उनका कहना है कि यदि इसी प्रकार से घने कोहरे का प्रकोप रहा, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव गेहूं की फसल पर पड़ सकता है।
गौरतलब है कि बीते चार पांच दिनों से मौसम साफ होने से हाड़कंपाऊ ठंड से जूझ रहे लोगों को राहत मिली थी। फसलों पर पड़ रहे प्रतिकूल असर से किसानों ने भी राहत की सांस ली थी। पटरी पर आ रहे आम जनजीवन के बीच रविवार को अचानक मौसम ने पलटी मारी। सुबह जब लोगों ने बिस्तर छोड़ा, तो चारों तरफ धना कोहरा दिखाई दिया। समूचा जनपद घने कोहरे व सर्द हवाओं की चपेट में आ गया। सर्द हवा के चलने से गलन बढ़ गई। नतीजा यह रहा कि आम जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया। रविवार का अवकाश होने से सरकारी व निजी कार्यालयों में काम करने वाले लोग घरों में कैद हो गए। घने कोहरे के चलते सड़कों पर लाइट जलाकर वाहन चलाने को लोग मजबूर हुए। खराब मौसम के चलते ग्रामीण क्षेत्र से भी लोगों ने बाजारों का रुख नहीं किया। नतीजा यह रहा कि जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की बाजारों में पूर्वाह्न तक सन्नाटे का माहौल रहा।
किसानों की बढ़ी चिंता
रविवार को अचानक बदले मौसम ने एक बार फिर से किसानों की चिंता बढ़ा दी। दरअसल घने कोहरे से आलू में झुलसा रोग फैलने की संभावना बढ़ गई। हालांकि दोपहर बाद धूप निकलने से किसानों ने कुछ राहत की सांस ली। अकबरपुर के किसान रविशंकर व जीतबहादुुर वर्मा ने कहा कि मौसम साफ होने से उम्मीद बढ़ी थी कि अब आलू की फसल को ज्यादा नुकसान नहीं होगा, लेकिन रविवार को बदले मौसम ने चिंता बढ़ा दी है। यदि इसी प्रकार का मौसम आगे भी रहा, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव फसल पर पड़ सकता है। भीटी के किसान भवानी प्रसाद सिंह व शिवशंकर ने कहा कि मौसम में आए बदलाव से दलहनी व तिलहनी फसलों को नुकसान होने की संभावना बढ़ गई है। अब यदि लगातार तेज धूप निकले, तो फसलों को लाभ मिलेगा।
राख का करें छिड़काव
रविवार को बदले मौसम से अभी फसल को किसी प्रकार का नुकसान नहीं है। दोपहर बाद धूप निकलने से फसलों को नुकसान होने से बचत होगी। हालांकि किसानों को चाहिए कि आलू में झुलसा रोग होने से बचाने के लिए उसमें राख का छिड़काव करें। गेहूं के लिए यह मौसम अच्छा है। -रविप्रकाश मौर्य, कृषि वैज्ञानिक