भीटी (अंबेडकरनगर)। देश की आजादी के नायकों में भीटी विकास खंड क्षेत्र के रनीवां निवासी लालता प्रसाद मिश्र का नाम काफी प्रमुखता से लिया जाता है। न सिर्फ अग्रेजों के खिलाफ उन्होंने लड़ाई लड़ी, बल्कि वह अपने गांव के युवाओं को इसके लिए प्रेरित करते थे। उन्हें युवाओं का अगुवा भी माना जाता था। वर्ष 1939 में अहिरौली में हुए सत्याग्रह आंदोलन में इनकी सक्रिय भागीदारी रही। अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन में अपने उग्र रुख के लिए इन्हें 6 माह का जेल भी काटना पड़ा। इनके सहयोगी के रूप में रहे गांव के 5 अन्य युवाओं को जेल की हवा खानी पड़ी थी।
भीटी विकास खंड क्षेत्र के रनीवां में जन्में लालता प्रसाद मिश्र युवा अवस्था से ही अंग्रेजों के मुखालफत के लिए जाने जाते रहे। वह न सिर्फ स्वयं अंग्रेजी हुकूमत का विरोध करते थे, बल्कि गांव के युवाओं को भी इसके लिए एकजुट करने का भी वह प्रमुखता से निभाते रहे। उन्हें युवाओं का अगुवा भी माना जाता था। वर्ष 1939 में सत्याग्रह आंदोलन के तहत अहिरौली में आयोजित सभा को भी उन्होंने संबोधित किया था। इसके बाद वर्ष 1942 में अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भागीदारी के लिए 6 माह जेल में गुजारना पड़ा। इनके सहयोगी के रूप में रहे गांव के रामलाल मिश्र, ठाकुरप्रसाद मिश्र, शोभाराम मिश्र, रामकल्प यादव को भी तीन माह के लिए जेल जाना पड़ा था। अंग्रेजों के खिलाफ क्षेत्र के युवाओं को भड़काने आदि के लिए भी उन्हें कई बार पुलिस हिरासत में लिया गया था। आजादी के इस दीवाने ने कभी इसकी परवाह नहीं की, और लगातार देश को आजाद कराने के लिए आवाज बुलंद करते रहे।
यह बात अलग है कि शासन-प्रशासन की उपेेक्षा ने इस परिवार को बिसार दिया है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व लालता प्रसाद मिश्र के पौत्र सेवानिवृत्ति प्रवक्ता शंभूनाथ मिश्र इस उपेक्षा से काफी खिन्न दिखते हैं। कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में जब बाबा जी का नाम आता है तो काफी गर्व महसूस होता हैं। परंतु प्रशासनिक उपेक्षा के चलते उनकी स्मृति में कोई खास मदद उनके परिवार व समाज को नहीं मिल सका। सिर्फ ग्राम स्वावलंबी इंटर कॉलेज में लगी एक प्रतिमा को छोड़ दिया जाए, तो उनकी याद ताजा करने के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने शासन-प्रशासन से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार घोषित किए जाने की मांग की। कहा कि सरकार के इस फैसले से स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारीजनों को आवश्यक सम्मान व मदद सुनिश्चित हो सकेगी।