अंबेडकरनगर। चार अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने सहित ग्राम पंचायत पतौना में विकास कार्यों के नाम पर हुई धांधली के आरोप में जिला पंचायतराज अधिकारी ने ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित कर दिया। मामले में विस्तृत जांच के लिए सहायक विकास अधिकारी पंचायत अकबरपुर को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
गौरतलब है कि कटेहरी विकास खंड क्षेत्र के पतौना ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने डीएम व अन्य अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि ग्राम पंचायत अधिकारी की मिलीभगत से गांव में अपात्रों को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का लाभ दे दिया गया है। मनरेगा योजनांतर्गत पिच रोड से रामसिंगार यादव के खेत तक लगे खड़ंजे में 40 प्रतिशत ईंट मानक के अनुरूप नहीं लगे हैं। ग्राम पंचायत चककोड़ार के राजस्व गांव रावनडीह में स्वच्छ शौचालय निर्माण के लिए आवंटित 82 शौचालयों के सापेक्ष मात्र 40 शौचालयों का निर्माण मानक के विपरीत कराया गया है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया था कि शासनादेश में निहित व्यवस्था के विपरीत कार्य कराया गया है। इससे गांव के पात्रों को सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों की शिकायत को प्रशासन ने संज्ञान लिया तो कई शिकायतें सही मिलीं। जांच में पता चला कि चार अपात्रों को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का लाभ दिया गया है। शौचालय व खड़ंजा निर्माण में भी अनियमितता पायी गई। उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के भी मामले सामने आए। इस पर जिला पंचायतराज अधिकारी मयाशंकर मिश्र ने आरोपी ग्राम पंचायत अधिकारी साधूसरन को निलंबित कर दिया। अकबरपुर सहायक विकास अधिकारी पंचायत को मामले की जांच सौंपी गई है।