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घने कोहरे व गलन ने तोड़ा सीजन का रिकार्ड, ठिठुुरे लोग

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अंबेडकरनगर। जिले में ठंड ने नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। बीते एक पखवारे में इतनी ठंड पहले नहीं पड़ी, जितनी सोमवार को रही। जिले में सोमवार को न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे पहले न्यूनतम तापमान ढाई से तीन डिग्री तक रहा था। सोमवार को दो डिग्री सेल्सियस तापमान रहने का असर यह हुआ कि पूरे दिन लोग ठिठुरते रहे। दोपहर तक कोहरे का प्रकोप छाए रहने से लोग बड़े पैमाने पर प्रभावित हुए। शाम पांच बजे के बाद से एक बार फिर से कोहरे का दौर शुरू हो गया। कृषि विज्ञान केंद्र पांती के समन्वयक डा. रवि प्रकाश मौर्य ने बताया कि इस सीजन का सबसे सर्द दिन सोमवार को रहा।
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जिले में सोमवार का दिन न सिर्फ अब तक का सबसे अधिक ठंडा दिन रहा बल्कि कोहरे का प्रकोप भी सबसे अधिक रहा। रविवार देर शाम से ही घने कोहरे का प्रकोप शुरू हो गया, जो सोमवार को पूरे दिन जारी रहा। नतीजा यह रहा कि पूरे दिन लोग कड़ाके की ठंड से ठिठुरते रहे। अत्यंत खराब मौसम का प्रतिकूल असर यह भी रहा कि सोमवार को बाजारों में लगभग पूरे दिन सन्नाटे का माहौल रहा। इससे तमाम दुकानदार पूरे दिन दुकान के बाहर अलाव के सामने बैठे रहे।
एक पखवारे से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। घने कोहरे व सर्द हवा का प्रकोप तब से लगातार जारी है। बीच-बीच में कुछ देर के लिए धूप तो निकली, लेकिन उसमें अधिक तपिश न होने से हाड़कंपाऊ ठंड से जूझ रहे लोगों को राहत नहीं मिल सकी। इस बीच सोमवार का दिन अब तक का सबसे ज्यादा मुश्किल भरा रहा। रविवार देर शाम से ही घने कोहरे का प्रकोप शुरू हो गया, जो सोमवार को भी पूरे दिन जारी रहा। घने कोहरे का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सड़कों पर पूरे दिन वाहन के संचालन में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। न सिर्फ लाइट जलाकर चल रहे थे, बल्कि गति भी काफी कम थी। इतना ही नहीं खराब मौसम ने विभिन्न व्यवसाय से जुड़े दुकानदारों के चेहरे पर चिंता की लकीरें उत्पन्न कर दी हैं। खराब मौसम के चलते ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का बाजारों की तरफ रुख न करने के चलते अकबरपुर नगर समेत जिले की अन्य छोटी बड़ी बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।
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उधर सोमवार को सुबह से चल रही सर्द हवा व घने कोहरे के प्रकोप से बचने के लिए लोग पूरे दिन अलाव का सहारा लेते दिखे। आवश्यक कार्य से घरों से बाहर निकलने वाले लोग भी जगह-जगह रुककर अलाव से खुद को गर्म करने की कोशिश करते दिखे, तो कुछ कुछ देर पर चाय की चुस्कियां भी लेते नजर आए।

ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी नहीं जले अलाव
हाड़कंपाऊ ठंड के मद्देनजर लोगों को ठंड से बचाने के लिए प्रशासन द्वारा शहरी व नगरीय क्षेत्रों में अलाव की व्यवस्था तो की गई है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी अलाव की समुचित व्यवस्था नहीं है। नतीजा यह है कि ग्रामीण क्षेत्र के लोग ठंड से बचने के लिए निजी तौर पर अलाव की व्यवस्था करने को मजबूर हो रहे हैं। भीटी के संतराम व रामअवतार ने कहा कि प्रशासन द्वारा अलाव की समुचित व्यवस्था अब तक नहीं की जा सकी है। इसके लिए कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत भी की गई, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाया जा सका। राजेसुल्तानपुर के संतोष व इमरान ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था को लेकर प्रशासन द्वारा गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

अवकाश के बावजूद खुले स्कूल
हाड़कंपाऊ ठंड को देखते हुए प्रशासन ने कक्षा 8 तक के विद्यालय 10 जनवरी तक विद्यालय बंद करने की घोषणा की है। इसके बावजूद न सिर्फ जिला मुख्यालय, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी कुछ विद्यालय खुले रहे। नतीजा यह रहा कि कड़ाके की ठंड से ठिठुरते हुए विद्यालय जाने को मजबूर होना पड़ा। विद्यालय प्रशासन का कहना था कि अवकाश की जानकारी विलंब से होने के चलते विद्यालय खोलना पड़ा। हालांकि कुछ देर के बाद अवकाश कर दिया गया था। उधर आलापुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत बहरामपुर स्थित एक इंग्लिश मीडियम विद्यालय खुला रहा। अभिभावकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सिर्फ अवकाश की घोषणा करना बड़ी बात नहीं है। इसका कड़ाई से पालन कराने की भी आवश्यकता है।
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