फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

माइनर में पानी के उफान से जलमग्न हुई 100 बीघा फसल

विज्ञापन
विज्ञापन
माइनर उफनाई, 100 बीघा फसल जलमग्न
विज्ञापन

अंबेडकरनगर। नहर विभाग की उदासीनता के चलते एक बार फिर किसानों की फसल बर्बाद हो रही है। ठीक से सफाई नहीं होने के चलते शुकलहिया मरथुआ सरैया माइनर उफना गई है। इससे किसानों की लगभग 100 बीघा से अधिक फसल जलमग्न हो गई है। मनमानी का हाल ये है कि माइनर का पानी रोकने की भी कोई व्यवस्था नहीं है। हेड पर लगा फाटक भी क्षतिग्रस्त हो चुका है। इससे किसान माइनर में पानी जाने से भी नहीं रोक पा रहे हैं और उनकी फसल बर्बाद हो रही है।
गौरतलब है कि शारदा सहायक नहर से शुकलहिया मरथुआ सरैया माइनर निकली है। लगभग पांच किलोमीटर लंबी इस माइनर से शुकलहिया, सीहमई, डिहवा, बनगांव, रम्मनपुर, सतरही, मरथुआ, झलरिया व सरैया गांव के सैकड़ों किसान जुड़े हैं। बीते दिनों किसानों की शिकायत पर माइनर की सफाई कराई गई थी। टेल की तरफ सतरही गांव से मरथुआ नाले तक सही ढंग से सफाई नहीं होने का खामियाजा अब किसानों को भुगतना पड़ रहा है। सफाई के दौरान ही किसानों ने इसकी शिकायत तहसील व नहर विभाग से की थी। मगर सुनवाई नहीं हुई। इसके चलते अब किसानों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। टेल की तरफ पानी आगे नहीं बढ़ पाने के चलते माइनर का पानी उफान पर पहुंचकर एक दिन पहले से पटरी के दोनों तरफ बहने लगा है। इससे पटरी में कटान की आशंका भी बढ़ गई है। उफान से गेहूं, सरसों, मटर व आलू की करीब 100 बीघा फसल जलमग्न हो चुकी है। इससे किसानों में खासा आक्रोश व्याप्त है।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसानों का कहना है कि, चार साल से रबी फसल के दौरान सतरही, झलरिया व मरथुआ के किसानों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। टेल की तरफ ठीक ढंग से सफाई नहीं होने के चलते पानी आगे नहीं बढ़ पाता। इससे पानी उफनाकर खेतों की तरफ बढ़ता है। पिछले वर्ष भी कई किसानों की दर्जनों बीघा फसल बर्बाद हो गई थी। इस बार भी वही स्थिति उत्पन्न हुई है। हेड पर फाटक नहीं होने के चलते किसान माइनर में पानी आने से रोक नहीं पा रहे हैं। इससे स्थिति बेकाबू हो रही है। किसान भगवानदीन पांडेय, बकरीदन, शोभनाथ, रामसुमेर मिश्र, जगदीश यादव आदि का कहना है कि अधिकारियों की उदासीनता के चलते ये समस्या उत्पन्न हो रही है। प्रशासन यदि गंभीर रहता तो किसानों की फसलों को बर्बाद होने से बचाया जा सकता है। उधर, एडीएम गिरिजेश त्यागी ने कहा कि अभी कोई शिकायत नहीं मिली है। किसानों की शिकायत का संज्ञान लिया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें