कड़ाके की सर्दी शुरू मगर परिषदीय स्कूलों में नहीं पहुंचे स्वेटर
अंबेडकरनगर। ठंड बढ़ने के बावजूद अब तक परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को स्वेटर उपलब्ध नहीं हो सका है। इससे छात्र-छात्राओं को फटे पुराने स्वेटर पहनकर विद्यालय जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। हालांकि इस बीच लंबे इंतजार के बाद गत दिवस शासन से जिले को एक लाख 90 हजार छात्र-छात्राओं के लिए एक जोड़ी जूते व दो-दो जोड़ी मोजे उपलब्ध करा दिए गए हैं। जूते-मोजे को सभी बीआरसी कार्यालयों को उपलब्ध भी करा दिया गया। सत्यापन के बाद उन्हें छात्र-छात्राओं में वितरित करा दिया जाएगा।
गौरतलब है कि, बीते दिनों प्रदेश सरकार ने परिषदीय विद्यालयाें के छात्र-छात्राओं को स्वेटर के साथ ही एक-एक जोड़ी जूते व दो-दो जोड़ी मोजे उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। बताते चलें कि, परिषदीय विद्यालयों की तरफ छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों का आकर्षण बना रहे, इसके लिए एमडीएम योजना के साथ ही बच्चों को निशुल्क पुस्तकें व ड्रेस भी दी जाती हैं। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खूब पढ़ो, खूब बढ़ो का नारा देते हुए परिषदीय विद्यालयों को कान्वेंट विद्यालय की तरह बनाने व सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। पहला कदम ड्रेस का रंग परिवर्तन कर उठाया गया। इसके बाद स्वेटर व जूते-मोजे वितरण की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके लिए लिबर्टी कंपनी को शासनस्तर पर नामित किया गया।
इस बीच ठंड का दौर शुरू हो गया, मगर न तो स्वेटर मिला और न ही जूते-मोजे। बढ़ती ठंड के चलते मजबूरन छात्र-छात्राओं को फटे पुराने स्वेटर पहनकर स्कूल जाना पड़ रहा है। मगर लंबे इंतजार के बाद गत दिवस लिबर्टी कंपनी द्वारा एक लाख 90 हजार छात्र-छात्राओं के लिए एक-एक जोड़ी जूते व दो-दो जोड़ी मोजे जिले को उपलब्ध करा दिए गए हैं। जूते में तीन साइज भेजे गए हैं, जिसमें स्माल, मीडियम व लांग साइज शामिल है। इसी आधार पर छात्र-छात्राओं को इनका वितरण किया जाएगा।
बीएसए अतुल कुमार सिंह का कहना है कि, जूते व मोजे सभी बीआरसी कार्यालय भेज दिए गए हैं। एसडीएम सदर की अध्यक्षता में जिला कार्यक्रम अधिकारी व दिव्यांग कल्याण अधिकारी की टीम गठित की गई है। टीम द्वारा सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन के बाद छात्र-छात्राओं में वितरण कर दिया जाएगा। स्वेटर के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जल्द ही स्वेटर की खेप भी आ जाएगी और वितरण करा दिया जाएगा।