एक सिपाही ने नदी में कूदकर महिला व एक बालिका की जान बचाई
राजेसुल्तानपुर। परिवारिक कलह से परेशान एक महिला ने दो बच्चों संग रविवार दोपहर पिकिया नदी में छलांग लगा दी। राहगीरों के शोर मचाने पर उधर से निकल रहे एक सिपाही ने नदी में कूदकर महिला व एक बच्ची को तो बचा लिया लेकिन दूसरी बच्ची को नहीं बचा सका। उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बच्ची के शव का पंचनामा कर उसे परिवारीजनों को सौंप दिया।
क्षेत्र में ग्राम देवलर बभनपुरा के निकट पिकिया नदी पुल पर दोपहर में एक महिला दो बच्चों के साथ पहुंची। स्थानीय लोगों के मुताबिक कुछ देर रुकने के बाद महिला ने दोनों बच्चियों के साथ नदी में छलांग लगा दी। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया। इसी बीच उधर से गुजर रहे राजेसुल्तानपुर थाने के सिपाही देवेंद्र को जानकारी हुई तो उसने महिला व बच्चियों को बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। काफी मशक्कत के बाद उसने महिला और एक बालिका को नदी से जीवित निकाल लिया लेकिन दुधमुंही बच्ची को नहीं बचा सका। कुछ देर में दुधमुंही बच्ची का शव उतराने लगा।
महिला की पहचान राजेसुल्तानपुर थानान्तर्गत रतिगरपुर निवासी मोहिनी (35) पत्नी अच्छेलाल के रूप में हुई। जीवित बचाई गई बालिका का नाम पलक (4) है। दुधमुंही बच्ची की पहचान निनित (8 माह) के रूप में हुई। सूचना पर परिवारीजन भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों के अनुसार महिला का पति अच्छेलाल कोलकाता में एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। परिवारिक कलह से ऊबकर महिला ने दोनों बच्चियों के साथ नदी में कूदकर जान देने की कोशिश की। उधर एसओ विजय सिंह ने बताया कि महिला ने आत्महत्या के नदी में कूदने के बारे में छानबीन की जा रही है। मासूम के शव का पंचनामा कर उसे परिवारीजनों को सौंप दिया गया। उधर सिपाही की बहादुरी की ग्रामीणों ने काफी तारीफ की। लोगों का कहना है कि सिपाही ने हिम्मत नहीं दिखाई होती, तो किसी की भी जान नहीं बच सकती थी।