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आंगनबाड़ी कार्यकत्री का उत्पीड़न रोके जाने को किया प्रदर्शन

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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उत्पीड़न रोकने किया प्रदर्शन
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अमर उजाला ब्यूरो
आलापुर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं उसके पति के विरुद्ध केस दर्ज होन से नाराज आंगनबाड़ी संघ ने सोमवार को सीडीपीओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए तत्काल केस वापस लेने की मांग की। थानाध्यक्ष के रवैए पर भी नाराजगी जाहिर की। कहा कि इस तरह की कार्रवाई आंगनबाड़ी कार्यकार्ताओं का मनोबल गिराने वाला है। बाद में ब्लॉक व तहसील कार्यालय तक पद मार्च कर एसडीएम को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन तहसीलदार व सीडीपीओ को सौंपा।
विकास खंड रामनगर के मकरही गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मनीषा देवी ने अपने बूथ पर राशनकार्ड सत्यापन का कार्य किया था। उन्होंने सूची से अपात्रों का नाम हटा दिया। इसके लिए गांव के कुछ लोगों ने उन पर दबाव बनाया और नाम सूची में शामिल करने को कहा। उन्होंने जब अपात्र होने का हवाला देते हुए नाम सूची में न शामिल करने की बात कही तो उनकी पिटाई भी की गई। इस मामले में पीड़ित आंगनबाड़ी ने थाने में तहरीर दी। आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। उलटे आंगनबाड़ी कार्यकार्ता मनीषा व उनके पति के विरुद्ध पुलिस ने केस दर्ज कर हिरासत में ले लिया था। हालांकि एसओ ने हिरासत में लेने से इन्कार करते हुए कहा था कि दोनों तरफ से मामला दर्ज किया गया है। इस बीच पुलिस से नाराज आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सोमवार को सीडीपीओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
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अध्यक्ष शशिकला मिश्र, उपाध्यक्ष किशोरी तिवारी, महामंत्री वंदना पाण्डेय, कोषाध्यक्ष उर्मिला भारती, ममता यादव व बिन्दू यादव ने सोमवार को पुलिस पर मनमानी का आरोप लगाते हुए उत्पीड़न का आरोप लगाया। कहा कि अविलंब मुकदमा वापस लिया जाए, और दोषी लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। सीडीपीओ कार्यालय से तहसील व ब्लाक कार्यालय तक पदमार्च भी किया। मामले में त्वरित कार्रवाई के लिए सीडीपीओ व तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा।
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