टांडा (अंबेडकरनगर)। लखनऊ के बड़े निजी अस्पताल में नर्स की नौकरी दिलवाने के नाम पर 15 छात्राओं से धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। छात्राओं को फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर 68,250 रुपये ठग लिए गए। पुलिस ने अब केस दर्ज कर लिया है।
अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के लोदीपुर अकबेलपुर की समीक्षा वर्मा ने दर्ज कराए केस में बताया कि उसके अलावा 14 अन्य छात्राओं ने टांडा नगर के निकट स्थित कौशल विकास मिशन केंद्र पर पैरा मेडिकल कोर्स की डिग्री हासिल की। बीते 25 नवंबर को केंद्र पर एक व्यक्ति आया। उसने स्वयं को लखनऊ के एक बड़े निजी हॉस्पिटल का एचआर मैनेजर रणविजय सिंह बताया। सभी छात्राओं का बायोडाटा लेने के साथ ही उन्हें नर्स के तौर पर फर्जी नियुक्तिपत्र भी थमा दिया। इन सभी 15 छात्राओं को 17-17 हजार रुपये वेतन देने की जानकारी दी। इसके बाद प्रक्रिया के नाम पर प्रत्येक छात्रा से 4,550 रुपये ले लिए। इन सभी को नौकरी ज्वाइन करने के लिए 10 दिसंबर को लखनऊ पहुंचने को कहा।
छात्राएं जब लखनऊ संबंधित अस्पताल पहुंची तो उसका मोबाइल बंद था। अस्पताल प्रशासन ने ऐसी कोई भर्ती होने या पद रिक्त होने से इन्कार कर दिया। कहा कि हमारे यहां कोई पद ही रिक्त नहीं है। इस पर छात्राओं को ठगे जाने का एहसास हुआ। वापस लौटकर छात्राओं ने एसपी डॉ. कौस्तुभ से मिलकर शिकायत की। इस पर सीओ टांडा शुभम कुमार ने छात्राओं से मिलकर पूरा प्रकरण समझा। सीओ के निर्देश पर टांडा कोतवाली पुलिस ने ठगी व धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।