किछौछा नगर पंचायत अध्यक्ष पर केस दर्ज
राशनकार्डों की सत्यापन सूची छीनकर बदल देने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
अंबेडकरनगर। राशनकार्डों के सत्यापन में लगे नगर पंचायत कर्मचारियों से सत्यापन सूची जबरन ले लेने तथा अपने चहेतों का नाम सूची में शामिल कर वापस दे दिए जाने के मामले में अशरफपुर किछौछा की नगर पंचायत अध्यक्ष के विरुद्ध बसखारी थाने में विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
गौरतलब है कि जिले में इन दिनों राशनकार्डों के सत्यापन का कार्य तेजी से चल रहा है। जिला प्रशासन द्वारा इसकी नियमित समीक्षा भी की जा रही है। गत दिवस डीएम अखिलेश सिंह ने राशनकार्डों के सत्यापन से जुड़े अधिकारियों की बैठक बुलाई तो उसमें पता चला कि नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा में अध्यक्ष शबाना खातून द्वारा कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव डाला जा रहा है। बताया गया कि सत्यापन कार्य के लिए नगर पंचायत क्षेत्र में कुल छह कर्मचारियों को लगाया गया है। उन्होंने गत दिवस सत्यापन का कार्य लगभग पूरा कर लिया था। नगर पंचायत अध्यक्ष ने उन कर्मचारियों को बुलाकर सत्यापन किए गए फॉर्म व घोषणापत्र अपने पास रख लिए। इसके बाद अपने चहेते लोगों की सूची बनाकर नए सिरे से सत्यापन फॉर्म उन्हें वापस कर दिया। इसके साथ ही एक कवरिंग लेटर भी अध्यक्ष की तरफ से लगा दिया गया।
नगर पंचायत कर्मी राकेश सिंह, हरिश्चंद्र, रामसम्हारू व राकेश प्रजापति ने डीएम को लिखित तौर पर बताते हुए कहा कि उनके सत्यापन फॉर्म जबरन नगर पंचायत अध्यक्ष ने ले लिए। उन्हें धमकी भी दी जा रही है। डीएम अखिलेश ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया और प्रभारी अधिशासी अधिकारी संगीता कुमारी को निर्देशित किया कि वे तत्काल मामले में केस दर्ज कराएं। इस क्रम में अधिशाषी अधिकारी ने बसखारी थाने पहुंचकर नगर पंचायत अध्यक्ष के विरुद्ध तहरीर दी। पुलिस ने विभिन्न धाराओं में उनके विरुद्ध केस दर्ज कर लिया।
नगर पंचायत अध्यक्ष शबाना खातून व उनके पति गौस अशरफ का विवादों से पुराना नाता रहा है। उम्र छिपाकर नगर पंचायत अध्यक्ष चुन लिए जाने के मामले में कोर्ट ने बीते दिनों चुनाव ही अवैध कर दिया था। इस पर उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। बाद में हुए चुनाव में शबाना फिर से जीत दर्ज करने में सफल रहीं। डीएम अखिलेश सिंह ने बताया कि संबंधित प्रकरण में कर्मचारियों ने शिकायत की थी। इस पर तत्काल मामले में विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मामले में बसखारी थाने में केस दर्ज हो गया है।
उधर नगर पंचायत अध्यक्ष शबाना खातून ने बताया कि उन्होंने किसी पर कोई दबाव नहीं डाला। जो सूची आई, उसी को उन्होंने आगे भेज दिया। सूची बदलने या जोर-जबरदस्ती जैसे आरोप सही नहीं हैं।