अस्पताल में एंबुलेंस के लिए नवजात के साथ तड़पती रही महिला
नहीं पसीजे एंबुलेंसकर्मी, निजी वाहन से ले जाने को विवश हुए परिवारीजन
अमर उजाला ब्यूरो
अंबेडकरनगर। प्रसव के बाद एंबुलेंस से घर पहुंचाने की सेवा का लाभ बार-बार फोन करने के बाद भी महिला को नहीं मिला। एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों ने कहा कि संबंधित क्षेत्र की एक और महिला आएगी तब दोनों को ले जाया जाएगा। बाद में परिवारीजन महिला व नवजात बच्ची को निजी वाहन से घर ले गए।
जलालपुर थाना अन्तर्गत उसरहा निवासी राहुल ने प्रसव पीड़ा के बाद 18 जून को अपनी पत्नी पूनम (27) को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। उसे पुत्री पैदा हुई। आरोप है कि प्रसव के बाद उससे 1500 रुपये अस्पताल कर्मचारियों ने वसूल लिया। गुरुवार सुबह उसे अस्पताल से छुट्टी दी गई तो एक बार फिर से 200 रुपये ले लिया गया। राहुल ने बताया कि पूनम को घर तक पहुंचाने के लिए उसने 102 एंबुलेंस सेवा को फोन किया तो कहा गया कि जब तक जलालपुर के कुल दो मरीज नहीं हो जाएंगे, तब तक उसे सेवा का लाभ नहीं मिलेगा। इस बीच कई बार फोन किया गया लेकिन हर बार उसे एक ही जवाब दिया गया कि दो मरीज हो जाने दो।
परिवारीजन नवजात बच्ची को लेकर अस्पताल गेट पर बैठे एंबुलेंस का इंतजार करते रहे जबकि महिला फर्श पर दर्द से कराहती रही। दोपहर करीब दो बजे तक जब एंबुलेंस नहीं पहुंची तो मजबूर होकर उसे ऑटो से घर जाने को मजबूर होना पड़ा। राहुल ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अस्पताल में निशुल्क प्रसव होता है। इसके बाद भी उनसे 1700 रुपये ले लिया गया। इसकी शिकायत भी गई लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके अलावा एंबुलेंस भी नहीं आई। इससे दोहरी आर्थिक चपत लगी। कहा कि इसकी शिकायत वह संबंधित अधिकारियों से भी करेगा। सीएमएस डॉ. केएस पांडेय ने बताया कि उनके संज्ञान में यह प्रकरण नहीं है। लिखित या मौखिक शिकायत भी नहीं हुई है। एंबुलेंस सेवाओं का लाभ तो लगातार सभी प्रकार के मरीजों को दिलाया जा रहा है।