सम्मनपुर हत्याकांड : सगा भाई ही निकला गिरीश का कातिल
पुलिस ने आरोपी भाई को दबोचा, भेजा जेल
आरोपी ने स्वीकारा, करतूतों से क्षुब्ध होकर गला कसकर की थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
अंबेडकरनगर। सम्मनपुर थाना क्षेत्र में बीते दिनों हुए गिरीश हत्या का मास्टर माइंड उसका अपना सगा भाई ही निकला। गिरीश की करतूतों से क्षुब्ध होकर भाई ने गला घोंटकर उसकी हत्या दी थी। छानबीन के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसका चालान कर दिया। मामले में पहले आरोपी भाई ने ही तीन लोगाें के विरुद्ध हत्या की धाराओं में केस दर्ज कराया था। सममनपुर थाना क्षेत्र के कजरी जमालुद्दीनपुर निवासी गिरीश उर्फ गुल्लुर पुत्र जियालाल का शव 1 मई की रात सैदापुर बाजार मोड़ के आगे मुख्य मार्ग के पास पड़ा पाया गया था। प्रथम दृष्टया ही मामला हत्या का लग रहा था, क्योंकि युवक का गला कसे जाने का स्पष्ट निशान मौजूद था। मामले में गिरीश के बड़े भाई रवीशचंद्र वर्मा की तहरीर पर पुलिस ने सिकरोहर निवासी लाला चौरसिया, घरहूपुर निवासी संदीप वर्मा तथा सिकरोहर निवासी राजेश कन्नौजिया के विरुद्ध हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया। केस दर्ज होने के बाद ही स्थानीय लोगों ने आरोपियों को फंसाए जाने की बात पुलिस अधिकारियों से कहते हुए निष्पक्ष विवेचना शुरू करने पर जोर दिया गया था। बाद में पुलिस की गहन छानबीन में सामने आया कि गिरीश की हत्या उसके ही सगे बड़े भाई व मामले के वादी रवीशचंद्र ने की है। पुलिस ने इस पर शनिवार देर शाम उसे गिरफ्तार कर लिया। प्रभारी निरीक्षक सम्मनपुर रामअवतार ने बताया कि अभियुक्त ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। उसका हत्या की धारा में चालान किया जा रहा है।
करतूतों से क्षुब्ध होकर की हत्या
एसपी सुधीर सिंह ने रविवार को घटना का खुलासा करते हुए बताया कि रवीशचंद्र ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि उसके छोटे भाई का चाल चलन ठीक नहीं था। शराब का सेवन करने के साथ ही वह परिवारीजनों को मारता पीटता था। घर की छह बाइक व एक कार को भी उसने बेच डाला था। लूट व चोरी में भी वह जेल जा चुका था, जिसके चलते उसका व बहन का विवाह नहीं हो पा रहा है। इसी के चलते सैदापुर बाजार में पहले ईंट से प्रहार कर उसे जमीन पर गिरा दिया। इसके बाद गला कसकर हत्या कर दी।