अफसर व इंजीनियर बनना चाहते हैं मेधावी
अंबेडकरनगर। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा में सफल मेधावियों में से ज्यादातर की इच्छा आईएएस व इंजीनियर बनने की है। युवाओं ने कहा कि वे समाज में परिवर्तन के लिए काम करना चाहते हैं। युवाओं की सकारात्मक सोच से ही देश व समाज में बदलाव आएगा।
इंजीनियर बन करना है देश का विकास
हाईस्कूल में जिला टॉप करने वाले अभिषेक पांडेय ने सफलता का श्रेय माता, पिता व गुरुजनों को दिया। 93.17 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले अभिषेक ने कहा कि यदि दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो संसाधन की कमी भी बाधा नहीं बन सकती है। खेती-किसानी करने वाले पिता बृजेश पांडेय ने कहा कि उनकी इच्छा थी कि इकलौता पुत्र अभिषेक अच्छी शिक्षा ग्रहण करे। उसने इच्छा पूरी कर दी। परिषदीय विद्यालय में शिक्षिका के पद पर तैनात माता मीरावती पांडेय ने खुशी जताते हुए कहा कि उनका पुत्र इंजीनियर बनना चाहता है। उसकी इच्छा पूरी करने में वे पूरी शक्ति लगा देंगी।
आईएएस बन समाजसेवा है लक्ष्य
इंटरमीडिएट में जिला टॉप करने वाली सुमन राजभर का मुख्य उद्देश्य आईएएस अधिकारी बनकर समाज सेवा करना है। 93.6 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली सुमन ने कहा कि बचपन से ही उसका सपना आईएएस बनने का रहा है। इसी को लक्ष्य मानकर वह पढ़ाई कर रही है। सफलता का श्रेय परिवारीजनों व गुरुजनों को देते हुए युवाओं से आह्वान किया कि किसी लक्ष्य का निर्धारण कर ही आगे बढ़ें। दिल्ली में निजी नौकरी करने वाले पिता जयप्रकाश ने कहा कि उम्मीदों के अनुरूप ही परिणाम आया है। गृहणी माता लीलावती ने पुत्री की सफलता पर खुशी जताई। एमकाम कर रहे बड़े भाई अरुण कुमार ने बहन की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि उम्मीद है कि सुमन का सपना जरूर पूरा होगा।
आईपीएस बनना है लक्ष्य
92 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले के टॉप टेन में चौथा स्थान हासिल करने वाले अंकुर विश्वकर्मा का मुख्य उद्देश्य आईपीएस बनना है। अंकुर ने कहा कि आईपीएस बनकर देश में फैले भ्रष्टाचार को समाप्त करना उसका लक्ष्य है। सीमित संसाधनों में भी सफलता मिल सकती है लेकिन इसके लिए दृढ़ इच्छाशक्ति होना आवश्यक है। किसान पिता वीरेंद्र विश्वकर्मा ने कहा कि उनका पुत्र जो भी बनना चाहता है, वह उसकी इच्छा जरूर पूरी कराएंगे। गृहणी माता पुष्पांजलि ने पुत्र की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि अंकुर ने उम्मीदों के अनुरूप कम संसाधन में भी बड़ी सफलता हासिल कर परिवार का नाम ऊचा किया है।