बसखारी (अंबेडकरनगर)। महमूदपुर कपुरी के निकट माइनर के उफना जाने से लगभग 140 बीघा फसल जलमग्न हो गई। 36 से अधिक किसानों का 14 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हो गया। शनिवार को दोपहर बाद सिंचाई विभाग व राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी की मदद से माइनर पर मिट्टी पटाई का काम कराया।
बसखारी क्षेत्र के महमूदपुर कपुरी के निकट माइनर की सफाई न होने के कारण बीते दिनों नहर से छोड़ा गया पानी ओवरफ्लो होकर बहने लगा। नतीजा यह हुआ कि गेहूं, सरसों, चना, मटर के खेतों तक पानी पहुंच गया। स्थानीय किसान इसे रोकने का प्रयास करते तब तक लगभग 140 बीघा क्षेत्रफल में किसानों की फसल पूरी तरह जलमग्न हो चुकी थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी सिचाई खंड टांडा राजस्व कर्मचारी को दी, उसके बाद पानी के बहाव को कम किया जा सका।
शनिवार को राजस्व व सिचाई विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। बड़ी नहर देवीपुर के निकट मिट्टी पटाई कर आठ इंच की पाइप डालकर पानी को कम किया। साथ ही पटरी के संबंधित जगह पर पटाई का कार्य कराया गया जहां पर पानी के बहाव के चलते मिट्टी कट गई।
किसानों ने जताई नाराजगी
कपुरी के किसान राजेंद्र वर्मा व राहुल चौधरी ने कहा कि सिंचाई विभाग अगर पानी छोड़ने से पहले नहर की स्थिति को देख लेता तो शायद ऐसा न होता। किसान सुनील वर्मा, सोनेलाल पटेल व राकेश शर्मा ने कहा कि 45 से अधिक किसानों की फसल इस पानी से डूबी है। वह अब पूरी तरह सड़ जाएगी। ऐसे में प्रति बीघा लगभग 10 हजार से अधिक का नुकसान उठाना पड़ेगा। साथ ही अब गेहूं, चना व मटर की बोआई भी समय पर नहीं हो पाएगी। पानी को सूखने में 15 दिन से अधिक का समय लग जाएगा। पंकज शर्मा, ओमप्रकास व रामनयन ने कहा कि विभाग की उदासीनता के चलते हर वर्ष नहर के किनारे के किसानों की फसल प्रभावित होती थी, लेकिन इस बार लोगों का बड़ा नुकसान हुआ है।
सत्यापन के दिए गए निर्देश
माइनर पर पाइप डालकर मिट्टी पटाई का काम करा दिया गया है। स्थानीय लेखपाल को फसल के नुकसान के सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं। पानी कम होने के बाद सत्यापन कर आवश्यक प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। -डॉ.शशिशेखर, एसडीएम टांडा