अंबेडकरनगर। फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई की गूंज जिले में भी समय-समय पर सुनाई देती रही। फर्जी अंकपत्र व जाति प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी पाने वाले 12 शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है। साथ ही संदेह के आधार पर 1383 शिक्षकों के सभी प्रकार के प्रमाणपत्रों की जांच शुरू कर दी गई है। अनुमान है कि शीघ्र ही कुछ और शिक्षकों पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है। प्रमाणपत्रों की जांच शुरू होने से शिक्षकों में हड़कंप का माहौल है।
उत्तर प्रदेश में बीते दिनों हुई जांच में तमाम ऐसे शिक्षक सामने आए जो फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी कर रहे थे। ऐसा नहीं है कि फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे प्रदेश के अलग-अलग जिले में ही शिक्षक की नौकरी हथियाई गई है। जिले में भी समय-समय पर ऐसे मामले सामने आते रहे हैं। बीते दिनों संदेह होने पर कुछ शिक्षकों के नौकरी के लिए लगाए गए विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्रों की जांच की गई तो 12 ऐसे शिक्षक सामने आए, जिन्होंने फर्जी अंकपत्र व जाति प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी पाई थी। बीएड की डिग्री फर्जी पाए जाने पर हरिप्रसाद, अरुण कुमार, अवधेश कुमार, रामतिलक, दुर्गाप्रसाद, मंतूराम, विनोद कुमार, सुरेश कुमार, विनोद कुमार, जयप्रकाश को बर्खास्त किया गया। जाति प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने पर रामबुद्ध को व फर्जी अंकपत्र व फर्जी व्यक्ति के नाम पर नौकरी कर रहे रामानंद को बर्खास्त कर दिया गया था। इन सभी के विरुद्ध संबंधित थाने में केस दर्ज भी कराया गया। साथ ही रिकवरी के लिए समय-समय पर नोटिस भी भेजी जा रही है।
इस बीच बीते दिनों जब प्रदेश के विभिन्न जिलों में फर्जी ढंग नौकरी हथियाने की जांच शुरू हुई तो जिला भी इससे अछूता नहीं रहा। संदेह के आधार पर 1383 शिक्षकों के उन प्रमाणपत्रों की जांच शुरू कर दी गई है जो नौकरी पाने के लिए लगाए गए थे। इन प्रमाणपत्रों के सत्यापन का कार्य तेजी से चल रहा है। बीएसए कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक आरएन जोशी ने बताया कि फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे नौकरी पाने वाले 12 शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है। मौजूदा समय में 1383 शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच प्रक्रिया चल रही है। शीघ्र ही प्रमाणपत्रों के सत्यापन का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
बीएसए कार्यालय के एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मौजूदा समय में जिन शिक्षकों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन का कार्य चल रहा है, उनमें से 40 से अधिक ऐसे शिक्षक सामने आ सकते हैं जिनके प्रमाणपत्र फर्जी हैं। इसमें बीएड, बीटीसी, जाति प्रमाणपत्र के साथ ही दिव्यांग प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी हासिल कर ली गई है।
जिले के 1383 शिक्षकों के प्रमाणपत्रों को जांच के लिए संबंधित विश्वविद्यालयों को भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
- अतुल कुमार सिंह, बीएसए