चतुर्थ राज्य वित्त आयोग के तहत पांच करोड़ 85 लाख रुपये पहले से ही ग्राम पंचायत के खाते में मौजूद है, उस पर से बीते दिनों चतुर्थ राज्य वित्त आयोग के तहत 11 करोड़ 71 लाख रुपये और भी जिला पंचायतराज कार्यालय को उपलब्ध करा दिया गया है।
गावों में विकास का पहिया धीमा न पड़ने पाए, इसके लिए शासन स्तर से ग्राम पंचायतों को धनराशि उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जा रही है। चतुर्थ राज्य वित्त आयोग ने विगत सितंबर माह में जिले के 786 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य में तेजी लाने के लिए पांच करोड़ 85 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई थी।
इक्का-दुक्का ग्राम प्रधान ही इस धनराशि का उपयोग कर सके थे कि पंचायत चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू हो गई, जिससे यह धनराशि अभी भी ग्राम पंचायत के खाते में मौजूद है। इस बीच गत दिवस चतुर्थ राज्य वित्त आयोग ने जिला पंचायतराज कार्यालय को 11 करोड़ 71 लाख रुपये की धनराशि और भी उपलब्ध करा दी है, जो अब नए परिसीमन के अनुसार 930 ग्राम पंचायतों में भेजे जाएंगे।
इस तरह गांवों के विकास के लिए 17 करोड़ से अधिक की धनराशि जिले में मौजूद है। ऐसे में चुनाव के संपन्न होने व शपथ ग्रहण के बाद नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को अपने गांव के विकास को लेकर धनराशि की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
जिला पंचायतराज अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि चतुर्थ राज्य वित्त आयोग से 11 करोड़ से अधिक की धनराशि उपलब्ध हुई है। आचार संहिता लागू होने के चलते उसे ग्राम पंचायत के खाते में नहीं भेजा जा सका है। चुनाव संपन्न होते ही उसे संबंधित ग्राम पंचायतों के खातों में भेज दी जाएगी।