अंबेडकरनगर। विकास खंड टांडा के बीपैक्स दाउदचक समिति से 1140 बोरी गेहूं और 78 बोरी यूरिया गायब कर दी गई। मामले में सहायक विकास अधिकारी राम बचन ने डीएम की संस्तुति पर समिति के सचिव अजय कुमार के खिलाफ गबन का केस दर्ज कराया है। वहीं, सचिव को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है और सेवाकाल में दोबारा नियुक्ति न होने के आदेश दिए हैं। इसी के साथ रिकवरी की तैयारी भी शुरू की गई है।
जिले में इस बार गेहूं खरीद का लक्ष्य सवा तीन लाख क्विंटल निर्धारित किया था। गेहूं खरीद के लिए पांच क्रय एजेंसियां नामित की गई थीं। 2952 किसानों से 93,400 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। इसके लिए किसानों को 2283.86 लाख रुपये का भुगतान भी खातों में भेज दिया गया है। सभी क्रय एजेंसियों को गेहूं एफसीआई गोदाम में भेजने के निर्देश दिए गए हैं। लिखित और मौखिक आदेश के बाद भी टांडा के बीपैक्स दाउदचक समिति से गेहूंं एफसीआई गोदाम को नहीं भेजा जा रहा था। एआर कोऑपरेटिव राघवेंद्र प्रताप शुक्ला ने नौ जून को सचिव को फोन पर समिति के गोदाम का निरीक्षण कराने के लिए कहा और मौके पर पहुंचे। कई घंटे के इंतजार के बाद भी सचिव जांच कराने नहीं पहुंचा।
इसके बाद 10 जून को एआर कोऑपरेटिव के निर्देश पर सचिव अजय कुमार की मौजूदगी में समिति के सभापति मिश्रीलाल, उप सभापति जुगलेश वर्मा, संचालक सदस्य अमित कुमार, मनीराम वर्मा, निजामपुर के राम उजागिर, हिथूरी के मो.नईम, दरियापुर कुतुब के परशुराम पटेल, प्रभारी सहायक विकास अधिकारी (सह.) प्रदीप कुमार तिवारी, अपर जिला सहकारी अधिकारी राजेश कुमार के साथ जांच की। 50 किलोग्राम की 1200 बोरी के स्टॉक के अनुरूप यहां केवल 60 बोरी ही मौजूद मिलीं। 1140 बोरी स्टॉक में प्राप्त नहीं हुईं। इसी प्रकार 30 बोरी डीएपी और 230 बोरी यूरिया के सापेक्ष 78 बोरी यूरिया का स्टॉक कम पाया गया। गेहूं की कुल कीमत 13,82,250 रुपये के अलावा 20,787 रुपये की यूरिया है। सहायक विकास अधिकारी रामबचन की तहरीर पर सचिव के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के अलावा, धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओंं में केस दर्ज किया है। कोतवाल श्रीनिवास पांडेय ने बताया कि सचिव पर केस दर्ज मामले की जांच शुरू की गई है। विभाग से जांच रिपोर्ट व अन्य दस्तावेज मांगे गए हैं।