टांडा (अंबेडकरनगर)। शातिर बदमाश परवेज न सिर्फ पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर के तौर पर दर्ज था, वरन उसके विरुद्ध गैंगेस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो चुकी थी। अलीगंज और हंसवर थाने को मिलाकर उसके विरुद्ध कुल 11 मुकदमे दर्ज थे। उसकी पत्नी रुबीना पर 50 हजार का इनाम घोषित है जो फरार है।
माफिया सरगना खान मुबारक गैंग का बदमाश परवेज अलीगंज थाने में हिस्ट्रीशीटर के रूप में दर्ज था। उसकी हिस्ट्रीशीट 16-ए के नाम से पुलिस ने खोली थी। उस पर कुल 11 मुकदमे अलीगंज और हंसवर थाने में दर्ज हैं। अलीगंज में लूट आदि धाराओं में सिर्फ एक मुकदमा है तो वहीं हंसवर में कुल 10 केस दर्ज हैं। इनमें हत्या, अपहरण और रंगदारी जैसे मामले शामिल हैं। अलीगंज थाना क्षेत्र का मूल निवासी होने के बावजूद उसके अपराध का मुख्य केंद्र हंसवर थाना क्षेत्र ही रहा। यह बात अलग है कि एनटीपीसी के तमाम ठेकों में भी उसकी दखल सामने आती रही। ठेकेदारों को रंगदारी के लिए मारने पीटने और उठवा लेने की कई घटनाएं प्रकाश में आईं।
वह माफिया खान मुबारक का इतना विश्वासपात्र था कि उसके एक इशारे पर बड़े से बड़े अपराध को अंजाम दे देता था। परवेज पर बसपा नेता जुरगाम की हत्या के बाद तेजी से इनाम बढ़ा। मौजूदा एसपी आलोक प्रियदर्शी ने जिले में कार्यभार संभाला तो उस पर 25 हजार रुपये का ही इनाम था, लेकिन एसपी के प्रस्ताव पर यह राशि बढ़ते बढ़ते इन दिनों एक लाख तक पहुंच गई थी। एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि उसकी फरारी के चलते इनाम की राशि बढ़वाई गई। उसकी गिरफ्तारी के लिए जनपद पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी, लेकिन इसी बीच रविवार को एसटीएफ से हुई मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई।
उधर, परवेज की पत्नी रुबीना भी फरार चल रही है। उसका नाम बसपा नेता जुरगाम हत्याकांड में विवेचना में शामिल किया गया था। उस पर 50 हजार का इनाम घोषित है। पुलिस परवेज और रुबीना दोनों की तलाश कर रही थी।