अंबेडकरनगर। अहिरौली इलाके में नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायाधीश मोहन कुमार की अदालत ने राहुल को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने कुल 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माने की 75 फीसदी राशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी।
अहिरौली के एक ग्रामीण ने सात जून 2023 को मुकदमा दर्ज कराया था कि छह जून को उनकी नाबालिग नातिन को बहती सोनावां निवासी राहुल बहला-फुसलाकर ले गया है। पुलिस ने राहुल समेत तीन लोगों के विरुद्ध अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। 29 जून 2023 को कटेहरी ब्लॉक तिराहे के पास से पीड़िता को ढूंढा था। शैक्षणिक अभिलेखों के आधार पर घटना के समय उसकी उम्र करीब 14 वर्ष आठ माह पाई गई। कोर्ट में दिए गए बयान के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाई थीं। विवेचना के बाद राहुल के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया था।
अभियोजन के अनुसार, राहुल पीड़िता को हरियाणा के गुरुग्राम ले गया था, जहां शादी का झांसा देकर और जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। बचाव पक्ष ने 80 हजार रुपये के लेनदेन की रंजिश में झूठा फंसाने का तर्क दिया, जिसे अदालत ने स्वीकार नहीं किया। अदालत ने 15 अक्तूबर को दोषसिद्धि के बाद शुक्रवार को दंडादेश सुनाया।