जमुनीपुर के निजी आईटीआई में आयोजित रोजगार मेले में मौजूद सेवायोजन अधिकारी व अन्य।
जमुनीपुर (अंबेडकरनगर)। रोजगार आज के युवाओं की सबसे बड़ी जरूरत है। इसके लिए सेवायोजन विभाग को हर माह रोजगार मेले लगाने के साथ नौकरियां दिलाने का लक्ष्य भी दिया जाता है। इसके बावजूद रोजगार मेले के नाम पर महज खिलवाड़ हो रहा है। जमुनीपुर के पं. एसडी पांडेय आईटीआई जगदीशपुर में शनिवार को आयोजित रोजगार मेला कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर गया।
रोजगार मेले के आयोजन के लिए सेवायोजन कार्यालय ने पूर्व में सूचना प्रसारित की थी। अपेक्षा की जा रही थी कि 10वीं, 12वीं और उच्च शिक्षित युवा बड़ी संख्या में पहुंचेंगे, लेकिन आयोजन स्थल पर दिनभर सन्नाटा छाया रहा। रोजगार मेले का हाल जानने संवाददाता पहुंचे तो हकीकत उजागर हो गई।
विभाग की ओर से जारी किए गए प्रेस नोट में दावा किया गया था कि देश व प्रदेश के निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियां मेले में प्रतिभाग करेंगी। मौके पर किसी कंपनी का कोई बैनर भी नहीं मिला। जिला सेवायोजन अधिकारी प्रीति पांडेय ने स्वीकारा कि मेले में प्रतिभाग करने के लिए प्रतापगढ़ की यश कंस्ट्रक्शन और सिस्का इलेक्ट्रॉनिक के प्रतिनिधि पहुंचे थे।
रोजगार मेला हॉल में संचालित होने का दावा किया गया, लेकिन कॉलेज परिसर में पसरा सन्नाटा इसकी असफलता की गवाही देता नजर आया। विभागीय अफसरों के अनुसार 10 से 12 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया, लेकिन इन्हें सिर्फ शार्ट लिस्टेड करने की बात कही जा रही है। रोजगार मुहैया कराने के नाम पर किसी का भी चयन नहीं किया जा सका है। पूरे आयोजन की प्रक्रिया इस हद तक सीमित रही कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को यह जानने का अवसर ही नहीं मिला कि रोजगार मेला वास्तव में संचालित कैसे हुआ। जिला सेवायोजन अधिकारी ने बताया कि अभ्यर्थियों की संख्या काफी कम थी, जिसकी वजह से अधिक पंजीकरण नहीं हो पाए। अभ्यर्थियों को शार्ट लिस्टेड किया गया है।