अंबेडकरनगर। पहली नवंबर से जिले में धान खरीद शुरू हो रही है। इस वर्ष एक लाख 55 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य मिला है। धान बेचने में किसानों की सुविधा के लिए कुल 71 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं।
किसानों को धान बेचने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पांच एजेंसियों के कुल 71 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें खाद्य विभाग के 22, पीसीएफ के 39, यूपीएसएस के सात, मंडी समिति के दो व भारतीय खाद्य निगम का एक क्रय केंद्र शामिल है।
प्रत्येक क्रय केंद्र पर प्रभारी की तैनाती तो कर दी गई है। खाद्य विभाग में एक-एक प्रभारी को दो-दो क्रय केंद्र का प्रभार दिया गया है। ऐसे में क्रय केंद्र प्रभारियों की कमी होने के चलते किसानों को धान बेचने में समस्या हो सकती है।
उधर जिले को धान खरीद का लक्ष्य भी शासन से दे दिया गया है। यह लक्ष्य विगत वर्ष की तुलना में तीन हजार 400 मीट्रिक टन कम है। खाद्य एवं विपणन अधिकारी कार्यालय के अनुसार विगत वर्ष एक लाख 58 हजार 400 एमटी का लक्ष्य मिला था। लक्ष्य की तुलना में लगभग 91.30 प्रतिशत धान की खरीद हुई थी। 28 हजार 574 किसानों ने धान की बिक्री की थी। इस बार यह लक्ष्य एक लाख 55 हजार मीट्रिक टन ही है।
खाद्य एवं विपणन कार्यालय के अनुसार वही किसान क्रय केंद्र पर धान की बिक्री कर सकते हैं जिन्होंने फूड एंड सिविल सप्लाई पोर्टल पर पंजीयन कराया होगा। कार्यालय के अनुसार अब तक कुल 13,439 किसानों ने ही ऑनलाइन पंजीयन कराया है।
संबंधित तहसील के एसडीएम के नेतृत्व में टीम ने अब तक 9,074 किसानों का सत्यापन कर लिया है। ऐसे में 4,365 किसानों का सत्यापन होना अभी शेष है। विभाग के अनुसार शीघ्र ही सभी पंजीकृत किसानों के सत्यापन का काम पूरा कर लिया जाएगा।
किसानों को धान की बिक्री करने में किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए सभी एजेंसियों के जिम्मेदारों को दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। शीघ्र ही क्रय केंद्रों का स्थलीय जायजा लिया जाएगा।
-अशोक कुमार कनौजिया, एडीएम