बदलाव की आशा और उत्साह के साथ संगम नोज पर तीन दिवसीय युवा संसद का समापन
प्रयागराज। भारतीय संस्कृति जीवन की सारी समस्याओं का समाधान है। हमारा दृष्टिकोण भारतीय होना चाहिए। इससे समस्याओं की तस्वीर भी साफ दिखाई देती है और खुद की भूमिका तय करना भी सहज होता है। संगम नोज पर आयोजित तीन दिवसीय युवा संसद के आखिरी दिन यह बातें गंगा सेना के संस्थापक योग गुरु स्वामी आनंद गिरि ने कही। इससे पहले युवा संसद के आखिरी सत्र में जनसंख्या नियंत्रण कानून संबंधी प्रस्ताव पारित किया गया।
युवा संसद के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि आईजी केपी सिंह ने देश की प्रगति के लिए काम करने के लिए युवाओं का आह्वान किया। जेएनयू से आए विकास घोष ने कहा कि यह युवा संसद लोगों की आंख खोलने वाली साबित हुई।समापन सत्र के पूर्व जनसंख्या नियंत्रण कानून पारित करने के मुद्दे पर बहस हुई। इस मसले पर युवाओं ने बेबाकी से अपने तर्क रखे। अंत में जनसंख्या नियंत्रण कानून संबंधी प्रस्ताव युवा संसद में ध्वनि मत से पारित किया गया। इस अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किया गया।
लुधियाना, दिल्ली, चंडीगढ़, जौनपुर, बांदा, वाराणसी, मिर्जापुर से आए अतिथि शिक्षकों का स्वर्ण भारत परिवार के पीयूष पंडित की ओर से सम्मान किया गया। समापन सत्र के स्पीकर संतोष पांडेय रहे। संचालन युवा कवि शरद कुमार मिश्र एवं एबीवीपी के प्रदेश मंत्री निर्भय द्विवेदी ने किया। इस मौके पर लॉरेल्स इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ अरुण प्रकाश, ऑस्ट्रेलिया से आए पं देवेंद्र शर्मा, शोभना शर्मा, मृदुला प्रकाश, शिवानी सिंह, प्रिया मौर्या, फूलचंद्र दुबे, विक्रांत आनंद आदि उपस्थित थे।