कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने के फैसले को सही ठहराया, सीएए का भी किया स्वागत
निर्भया व हैदराबाद कांड जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बने कड़े कानून
प्रयागराज। संगम पर शुक्रवार को गंगा सेना शिविर में पहली बार राष्ट्रीय युवा संसद में राष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने, नागरिकता संशोधन कानून लागू करने को युवाओं ने सही ठहराया। निर्भया व हाल में महिला पशु चिकित्सक के साथ हुई घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कानून बनाने की बात कही गई। कई राष्ट्रीय मुद्दों पर पक्ष-विपक्ष के बीच सवाल जवाब हुए।
युवा संसद के स्पीकर बनाए गए जगद्गुरु राघवाचार्य ने सबसे पहले सदन को सुचारू रूप से चलाने का आग्रह किया। इसके बाद महासचिव शिवानी सिंह ने नवनिर्वाचित सांसदों को शपथ दिलाई। स्पीकर की ओर से मयंक सिंह को आमंत्रित किए जाने के साथ ही प्रश्नकाल की शुरुआत हुई। मयंक ने कश्मीर के हालात पर सदन का ध्यान आकृष्ट कराया। नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहे मकरध्वज यादव ने पठानकोट में हुए आतंकी हमलों में खुफिया एजेंसियों की विफलता पर अपनी बात रखी।
उन्होंने पूछा कि सवा सौ करोड़ देश वासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना क्या सरकार का दायित्व नहीं है । जवाब देते हुए गृह मंत्री की भूमिका में संस्कार त्रिपाठी ने बताया कि भावुकता में नहीं तथ्यों पर बात की जानी चाहिए। उन्होंने विंग कमांडर अभिनंदन के साहस का हवाला दिया। जिन्होंने आतंकियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया था। सांसद के रूप में विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने अपनी-अपनी भूमिका निभाई। युवा संसद के सदस्यों को योग गुरु स्वामी आनंद गिरि ने शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि समाज की बेहतरी एवं देश की प्रगति के लिए युवा अभी से काम करना आरंभ करें। ताकि इसका लाभ लाभ आम नागरिक को भी मिल सके। स्पीकर की भूमिका में राघवाचार्य ने छात्र-छात्राओं की प्रतिभा को सराहा।
विशिष्ट अतिथि लॉरेंल्स इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ अरुण प्रकाश व देवेंद्र मिश्र ने युवाओं से अपना लक्ष्य हासिल करने की अपील की। अतिथियों का स्वागत संयोजक पीयूष पंडित ने और संचालन कवि शरद कुमार मिश्र ने किया। निर्भय द्विवेदी, प्रिया मौर्या, शिवम, नीरज, अनुज, अमित, आकाश उपस्थित थे। ऑस्ट्रेलिया से देवेंद्र शर्मा, शोभना शर्मा, पिंकी यादव, ईशु यादव, संदीप तिवारी उपस्थित थे। यह कार्यक्रम मां गंगा निर्मल संरक्षण समिति की ओर से आयोजित था।