साइबर ठगों ने एक युवक को डिजिटल अरेस्ट कर उसके खाते से 16 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने पीड़ित राष्ट्रीय सुरक्षा के गंभीर मामले का दोषी बता कर डिजिटल अरेस्ट कर वारदात को अंजाम दिया है। राजरूपपुर निवासी लक्ष्मी कांत तिवारी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 24 मार्च 2026 को कॉल बताया कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के गंभीर केस में फंस गया है। इसके बाद ठगों ने पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट कर कहा कि ऑनलाइन माध्यम से अपने सभी म्यूचुअल फंड और एफडी की रकम एक सुरक्षित खाते में ट्रांसफर कर दे।
इस पर पीड़ित ने अलग तारीखों में कुल 16 लाख रुपये तीन किश्तों में ट्रांसफर कर दिए। जिनमें 25 मार्च को 3 लाख, 27 मार्च को 4 लाख और 30 मार्च को 9 लाख रुपये शामिल है। बाद में जब उसे ठगी का एहसास हुआ तो उसने साइबर पुलिस को सूचना देकर एफआईआर दर्ज कराई है। साइबर पुलिस ने खातों और मोबाइल नंबरों के आधार पर प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।
डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी का नया तरीका, सतर्क रहने की जरूरत
साइबर पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी का नया तरीका है, जिसमें ठग वीडियो कॉल या फोन के जरिए लोगों को डराकर उन्हें अपने नियंत्रण में रखते हैं और पैसे ट्रांसफर करा लेते हैं। साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी भी कॉल से सतर्क रहें और संदिग्ध फोन काॅल होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।