प्रयागराज से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां छोटे भाई ने बड़े को लोहे की रॉड से पीट-पीटकर मार डाला। आरोपी ने पूछताछ में पुलिस को हत्या की चौंकाने वाली वजह बताई है।
प्रयागराज के अशोक नगर में भाई की बेरहमी से हत्या करने के आरोपी सत्यम के सिर पर खून सवार था। हाल यह था कि खून से लथपथ होकर तड़प रहे भाई को देखकर भी उसका दिल नहीं पसीजा। बोला, बहुत स्मार्ट समझता था अपने को, अब पता चलेगा। परिजनों ने जब उससे इसकी वजह पूछनी चाही तो वह उन्हें भी मारने दौड़ा।
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इसके बाद परिजन पीछे हट गए और फिर पुलिस को सूचना दी गई। तब जाकर वह काबू में आया। यही नहीं घटना से पहले उसने कमरे में पहुंचकर दरवाजे-खिड़कियां बंद कर लिए थे। इसके बाद उसने सोते वक्त भाई पर हमला किया। घटना के बाद रॉड भी वहीं फेंक दी। फिर बाहर निकलकर छत पर ही टहलने लगा।
‘मुझे नीचा दिखाता था, पापा उसी की करते थे तरफदारी’
आरोपी घटना के बाद ऐसे जवाब देता रहा, जैसे कुछ हुआ ही न हो। उसने कहा कि बड़ा भाई उसे नीचा दिखाता था। पढ़ाई पर रोक लगाता था। वह कुछ कहता था तो उसकी शिकायत करता था और पिता भी उसकी ही तरफदारी करते थे।
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भाई की हत्या करने के बाद भी भावशून्य तरीके उसे जवाब देते देख पुलिसकर्मी भी हैरान थे। चचेरे भाई सुधांशु ने बताया कि सत्यम (23) पढ़ाई में कमजोर था, ऐसे में किसी तरह 12वीं के बाद वर्तमान में ओपेन स्कूल से बीकॉम कराया जा रहा था।
बड़ा भाई शिवम पढ़ाई में तेज था। उसे यह लगता था कि उसकी वजह से ही उसे कमतर आंका जाता है। इसी खुन्नस को वह मन में पाले हुए था। हालांकि यह बात उसने किसी को जाहिर नहीं होने दी। कभी-कभी खटपट हुई भी तो इसे सामान्य बात समझकर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
कभी किसी ने सोचा नहीं था कि उसके मन में क्या चल रहा है। शिवम बेहद हंसमुख और मिलनसार था जबकि सत्यम अलग था। वह ज्यादा बात नहीं करता था और जिद्दी भी बहुत था। कभी-कभी घर से न निकलने देने पर छत से कूदकर बाहर चला जाता था।
बार-बार बदलता रहा बयान सूत्रों के मुताबिक, पुलिस की पूछताछ में भी आरोपी बार-बार बयान बदलता रहा। कभी वह माता-पिता पर उपेक्षा करने का आरोप लगाता तो कभी मृतक भाई के बारे में उल्टी-सीधी बातें कहता।
एक बार कहा कि शिवम उससे जलता था और नहीं चाहता था कि वह आगे बढ़े। इसीलिए मम्मी-पापा से कहकर उसका अच्छे स्कूल में दाखिला नहीं होने दिया। उधर थोड़ी देर बाद अपने पिता पर ही इल्जाम लगाने लगा। कहा कि वह उसे और उसकी मां को पसंद नहीं करते थे और पैसे भी नहीं देते थे।
फूट-फूटकर रोती रही मां, पिता भी बिलखते रहे
घटना के बाद मां फूट-फूट कर रोती रही। उधर मर्चरी पर पिता भी बिलखते रहे। मां की हालत देख रिश्तेदारों व अगल-बगल के लोगों की भी आंखें भर आईं। वह बार-बार सत्यम को कोसती रहीं। उधर मर्चरी पर मौजूद पिता भी बेटे को याद कर आंसू बहाते रहे।
कहा, कि कभी सोचा ही नहीं था कि सत्यम ऐसा कदम उठाएगा। शिवम कहता था कि पापा देख लेना यह एक दिन आपको जरूर रूलाएगा। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया।