इलाहाबाद। ईरान पर अंतरराष्ट्रीय पाबंदी के हटने की शुरूआत होने के साथ ही डीजल और पेट्रोल के दाम में गिरावट देखने को मिली। जानकार मान रहे हैं कि प्रतिबंध हटने की संभावनाओं से भारत अब खुल कर ईरान से कच्चे तेल की खरीदारी कर सकता है। इसका सीधा असर पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों पर भी दिखेगा। एक माह पहले 15 जून को शहर में पेट्रोल और डीजल का रेट क्रमश: 73.63 और 55.99 रुपये प्रति लीटर रहा। जो अब 70.81 और 52.94 रुपये प्रति लीटर हो गया है। अगले छह माह के भीतर देश में डीजल और पेट्रोल के दाम में गिरावट देखने को मिलेगी। रसोई गैस की कीमतों में भी कमी आनी तय मानी जा रही है। मोदी सरकार इस पूरे एपीसोड को चुनाव पूर्व दिए गए नारे ‘अच्छे दिन आने वाले हैं’ को भी भुनाने की पूरी कोशिश कर सकती है।
मध्य एशिया में ईरान के भारत से हमेशा ही अच्छे संबंध रहे हैं लेकिन न्यूक्लियर हथियार के मुद्दे पर पिछले दस साल से ईरान पर तमाम अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगे हुए थे। अब जब संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था के समक्ष ईरान ने न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाने की बात कही है तो बदले में संयुक्त राष्ट्र और पश्चिमी देश ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हटाएंगे। इस डील के बाद ईरान विभिन्न देशों को तेल का निर्यात कर सकेगा। तमाम जानकारों का यही कहना है कि अगर बाजार में किसी चीज की ज्यादा उपलब्धता होगी तो निश्चित ही उसका दाम अपने आप कम हो जाएगा। ईरान से प्रतिबंध हटा लेने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की उपलब्धता ज्यादा हो जाएगी। ऐसे में स्वत: ही इसके दाम में कमी आ जाएगी। बता दें कि पिछले साल अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत प्रति बैरल 140 डॉलर के आसपास हो गई थी। इस बीच मोदी सरकार की किस्मत अच्छी रही कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत घटनी शुरू हो गई। जो अब 56 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है। ईरान से लगे प्रतिबंध हट जाने केबाद कच्चे तेल की कीमतों का गिरना तय है।
तेल की रहेगी अच्छी उपलब्धता
‘इस समझौते के अच्छे परिणाम आने की उम्मीद है। प्रतिबंध हटने के बाद ईरान अब किसी भी देश को अपना तेल बेच सकता है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की अच्छी उपलब्धता भी होगी। सीधे शब्दों में कहा जाए तो अगर मार्केट में कोई चीज अधिक है तो उसका दाम स्वत: ही अपने आप गिर जाता है। आने वाले दिनों में यही पेट्रोल और डीजल के साथ होने वाला है। ‘
-डा. एके श्रीवास्तव, अध्यक्ष अर्थशास्त्र विभाग, ईश्वर शरण डिग्री कालेज
‘पेट्रोल और डीजल के साथ इस समझौते का असर गैस की कीमतों पर भी पड़ना तय है। तय है कि आने वाले दिनों में रसोई गैस का दाम भी घटेगा। वैसे भी मोदी सरकार की किस्मत अच्छी रही है कि सरकार बनने केबाद से लगातार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है।
-केपी मिश्र, सचिव, ऑल इंडिया एलपीजी फेडरेशन
‘ईरान से लगे प्रतिबंध हट जाने के बाद कच्चे तेल की कीमत अभी और गिर सकती है। आने वाले समय में गैस, पेट्रोल और डीजल के दाम का गिरना तय है, लेकिन एक निश्चित समय के बाद इनके दामों में एक बार फिर से वृद्धि होनी तय है। तकरीबन छह माह के बाद इसका असर अंतरराष्ट्रीय मार्केट में देखने को मिलेगा।
-प्रो. प्रदीप भार्गव, निदेशक, गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान