डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदगी में सपा में रहे रईस शुक्ला के भाजपा ज्वाइन करने के बाद कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी का बयान दूसरे दिन भी सुर्खियों में रहा। सियासी गलियारे में चर्चा इस बात की रही कि नंदी द्वारा भाजपा को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह चलाने का बयान आखिर किसके लिए दिया गया। इस बयान के राजनीतिक गलियारे में तमाम मायने भी निकाले गए।
बताया जा रहा है कि नंदी की नाराजगी इस बात को लेकर ज्यादा है कि प्रयागराज का विधायक होने के बावजूद उन्हें बिना संज्ञान में लिए रईस शुक्ला को भाजपा ज्वाइन करवा दी गई। नंदी द्वारा शनिवार को जारी किए गए बयान में भी इसका जिक्र है।
प्रदेश के बड़े वैश्य नेताओं में शामिल नंदी ने अपने बयान में कहा था कि बिना उन्हें कोई औपचारिक सूचना दिए बगैर उनके खिलाफ सपा प्रत्याशी के रूप में वर्ष 2022 का विधानसभा चुनाव लड़कर हारे रईस शुक्ला को भाजपा ज्वाइन कराने का कार्यक्रम का घोर अपमानजनक एवं आपत्ति जनक है। उन्होंने इसे साजिश बताने के साथ बिना किसी नेता का नाम लिए बगैर कहा कि जो लोग पार्टी को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह चलाना चाहते हैं और अपनी हठधर्मिता से पार्टी को क्षति पहुंचा रहे हैं, उनके मनमाने रवैये की घोर निंदा करता हूं।
रविवार को भाजपा समेत अन्य राजनीतिक दलों में नंदी के बयान के मायने निकाले जाते रहे। सपा के महानगर अध्यक्ष सैयद इफ्तेखार हुसैन ने कहा कि भाजपा में क्या चल रहा है वह किसी से छिपा नहीं है। इस बारे में कुछ भी बोलना सही नहीं है। भाजपा के लोग ही इसका जवाब दें।