देश, दुनिया केसाथ मंगलवार को संगम नगरी भी योगमय नजर आई। आर्मी, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, जिला प्रसासन, सरकारी कार्यालय, केंद्रीय पुलिस बल, धार्मिक, सामाजिक, शैक्षणिक संस्थाओं, जनसंगठनों की ओर से चंद्रशेखर आजाद पार्क, खुसरोबाग, मिंटो पार्क समेत पूरे शहर में जगह-जगह योग शिविर आयोजित किए गए। जिसमें लाखों की संख्या में सभी धर्मों के बच्चे, महिला, युवा के साथ बुजुर्गों ने हिस्सा लेकर शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ्य रहने केलिए योग की पद्धतियों को जाना। शहर में केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने योग शिविर में शिरकत की। भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ की ओर से प्रयाग संगीत समिति में आयोजित शिविर में साध्वी के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने योगाभ्यास किया।
यहां इन नेताओं ने प्राणायाम, ध्यान योग की क्रियाएं की। उन्होंने योग को जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। कहा, देश के ऋषियों-मुनियों ने हमकों स्वस्थ रहने को अमूल्य धरोहर दी है। इसे सहेजने के साथ प्रचार-प्रसार की निरंतर जरूरत है। शिविर के आयोजक डा. बीबी अग्रवाल ने बताया कि योग शिविर सुबह पांच बजे से शुरू होकर सुबह आठ बजे तक चला। इस दौरान डा. अग्रवाल एवं फिजियोथेरपिस्ट डा. राकेश चंद्रा द्वारा योग पर लिखी गई पुस्तक ‘रेमेडियल यौगिक क्रियाएं’ का विमोचन केंद्रीय मंत्री ने किया। वहीं दूसरी ओर कई संगठनों की ओर से शाम को भी योग शिविर आयोजित किए गए। छावनी परिषद के मैरिज हाल और चंद्रशेखर आजाद पार्क मे आयोजित योग शिविर में लोग सफेद ड्रेस कोड में नजर आए। सरकारी कार्यालयों में योग शिविर 45 मिनट तक चले जबकि संस्थाओं, संगठनों की ओर से आयोजित शिविर और अधिक समय तक चले। आर्मी सहित कई विभागों में योग क्रियाओं के संचालन के लिए बाहर से भी योग एक्सपर्ट्स बुलाए गए थे।
शहर भर में लगाए गए योग शिविरों में मौजूद योग प्रशिक्षकों ने आसन, प्राणायाम और ध्यान के नियम बताए तो लोगों ने भी सारी क्रियाओं को कर उसे जीवनचर्या का हिस्सा बना लेने का संकल्प लिया। शिविर की शुरूआत होते ही लोगों को सबसे पहले शरीर में खिंचाव के लिए घुटने, कंधे और हाथों का व्यायाम कराया गया। इसके बाद विभिन्न प्रकार के आसन जैसे-तड़ासन, पवनमुक्तआसन, त्रिकोनआसन, व्रजआसन, उत्थानमंडुकआसन, वक्रासन, मकरासन, शलभआसन, शवआसन, धनुरआसन, तड़ासन आदि कराए गए। इसके बाद कपालभाति, प्राणायाम में अनुलोम-विलोम, शीतली प्राणायाम, भ्रामरी और उसके बाद ध्यान (मेडिटेशन) की क्रिया कराई गई। हर क्रियाओं का अपना अलग-अलग समय निर्धारित रहा। कुछ क्रियाएं समय की बजाय शरीर के मूवमेंट के अनुसार कराई गई।
दूसरे विश्व योग दिवस पर आयोजित योग शिविरों में हिस्सा लेने केलिए लोगों में गजब का उत्साह दिखा। क्या बच्चे, क्या बूढे़ हर किसी को योग को जानने, समझने के साथ उतावले रहे। शिविरों के शुरू होने के ठीक पहले ही पहुंचकर उन्होंने अपने स्थान पर चादर बिछाई और योग एक्सपर्ट्स के निर्देश पर योग की क्रियाओं को किया। चंद्रशेखर आजाद पार्क में आयोजित शिविर में हिस्सा लेने वाले जार्ज टाउन के राजेश कुमार, टैगार टाउन के धनंजय, कटरा की शालिनी और श्वेता ने कहा कि स्वस्थ्य रहने के लिए इससे अच्छा कोई उपाय नहीं है। एक बार जानने के बाद आप इसे अपने आप जीवन भर करते रहिए। किसी की मदद की जरूरत नहीं पड़ती है और न ही कोई खर्चा। मदन मोहन मालवीय स्टेडियम के ताइक्वांडों कोच रंजीत कहते हैं कि
इससे शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक तीनों तरह का लाभ मिलता है। इसे खेलों में भी शामिल किया जाना चाहिए।
शहर के सरकारी कार्यालयों जैसे इलाहाबाद विश्वविद्यालय, ट्रिपलआईटी, एमएनएनआईटी, भारतीय लेखा तथा लेखा परीक्षा विभाग, समेत सभी सरकारी कार्यालयों में 45 मिनट का योग शिविर आयोजित किया गया। केंद्र सरकार की ओर योग शिविर आयोजित किए जाने केलिए मिनट-टू-मिनट का कार्यक्रम पहले ही जारी किया गया था। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में आयोजित योग शिविर के प्रशिक्षक डॉ. भाष्कर शुक्ला ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से जारी ‘कॉमन योगा प्रोटोकॉल’ के अंतर्गत योगा शिविर की शुरूआत सुबह छह बजे हुई तो सबसे पहले ‘ऊँ संगच्छध्व संवदध्वं सं वो मनासि जानताम ् देवा भागं यथा पूर्वे सज्जानाना उपासते।
ऊँ शांति: शांति: शांति:’ दो मिनट की प्रार्थना से हुई। इसके बाद छह मिनट तक शरीर को खिंचाव देने वाले व्यायाम और फिर 18 मिनट की आसन की क्रियाएं हुईं। फिर तीन मिनट तक कपालभाती, छह मिनट तक प्राणायाम और आठ मिनट तक ध्यान की क्रियाएं कराई गईं। अंत में संकल्प दिलाने के साथ शांति पाठ हुआ और सूर्य नमस्कार की संगीतमय प्रस्तुति के साथ समाप्त हो गया। देश भर में हुए योग शिविरों को कराने की जिम्मेदारी आयुष विभाग एवं एचआरडी को सौंपी गई थी।
योग दर्शन के प्रणेता महर्षि पतंजलि ने योग दर्शन के जरिए दुनिया के सामने स्वस्थ रहने की जो पद्धति बताई वह देर से ही ऋषियों, मुनियों के यहां से निकलकर पूरे विश्व के लोगों के जीवन का हिस्सा बन गई इसकी कल्पना भी लोगों ने नहीं की रही होगी। कुछ सालों पहले तक अपने देश में ही यह कुछ लोगों के बीच में ही सिमटी रही लेकिन बाबा रामदेव ने इसे दुनिया भर के लोगों में फैलाने का जो संकल्प उठाया। उसे दो साल पहले सत्ता मेें आई प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने पूरा कर दिया। पिछले वर्ष संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव बानकी मून ने जब 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में घोषित किया तो यह दुनिया भर के हर मुल्कों का हिस्सा बन गया। अब यह लोगों को फैशन में आ गया। मंगलवार को योग शिविरों में यह देखने को भी मिला। लोग अपने आप से मोटिवेटेड होकर शिविरों में पहुंचकर इसका लाभ उठाया।