जिले के एक निजी अस्पताल में येला फंगस संक्रमित मरीज की सर्जरी की गई। जिले में येलो फंगस का यह पहला मामला है। वहीं एलथ्री एसआरएन अस्पताल में ब्लैक फंगस संक्रमित 20 मरीज भर्ती हैं।
जिले के एक निजी अस्पताल में येला फंगस संक्रमित मरीज की सर्जरी की गई। जिले में येलो फंगस का यह पहला मामला है। वहीं एलथ्री एसआरएन अस्पताल में ब्लैक फंगस संक्रमित 20 मरीज भर्ती हैं। एसआरएन अस्पताल के सह प्रभारी कोरोना डॉ. सुजीत वर्मा के मुताबिक उनके यहां ब्लैक फंगस छह संक्रमितों की सर्जरी की जा चुकी है। 14 अन्य मरीजों का उपचार किया जा रहा है।
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किसी मरीज में येलो फंगस के लक्षण नहीं मिले। निजी क्षेत्र के कोविड सेंटर यूनाइटेड मेडीसिटी के प्रधानाचार्य डॉ. मंगल सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण मुक्त हो चुके एक 73 वर्षीय बुजुर्ग में जांच के बाद ब्लैक के साथ येलो फंगस संक्रमण की पुष्टि हुई है। चूंकि संक्रमण प्रारंभिक स्तर का था इसलिए संक्रमित की सर्जरी की गई है। डॉ. मंगल सिंह ने बताया कि संक्रमित का ऑपरेशन करने वाली टीम में डॉ. प्रभात श्रीवास्तव भी शामिल थे।
उन्होंने बताया कि इससे पहले 24 मई को गाजियाबाद में येलो फंगस संक्रमित पाया गया था। इस संबंध में सीएमओ को जानकारी दी गई है। उनसे मरीज के लिए एंफोटेरेसिन बी इंजेक्शन उपलब्ध कराने की मांग की गई है। बाजार में इंजेक्शन है नहीं सिर्फ एसआरएन में भर्ती मरीजों को शासन की ओर से उपलब्ध कराए गए एंफोटेरेसिन बी इंजेक्शन दिए जा रहे हैं।