तेज गेंदबाजी से बल्लेबाजों को छकाने वाले संगम नगरी के क्रिकेटर यश दयाल किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। बाएं हाथ के तेज रफ्तार गेंदबाज यश को हाल में ही प्रदेश की विजय हजारे ट्राफी की टीम में शामिल किया गया है। यश प्रदेश के पहले ऐसे क्रिकेटर हैं, जोकि रणजी ट्राफी, विजय हजारे और मुश्ताक अली ट्राफी के लिए प्रदेश की टीम में शामिल रहे हैं।
prayagraj news : क्रिकेटर यश दयाल।
- फोटो : prayagraj
शहर के कर्बला निवासी यश दयाल के पिता चंद्रपाल दयाल भी क्रिकेटर रह चुके हैं। उन्होंने विजी ट्राफी में नार्थ जोन की टीम से बतौर गेंदबाज प्रतिनिधित्व किया था। बचपन से पिता को गेंदबाजी करते देख यश में क्रिकेटर बनने का जज्बा जगा। वह करीब पांच साल की उम्र में ही पिता के साथ मदन मोहन मालवीय स्पोर्ट्स स्टेडियम में अभ्यास के लिए जाने लगे। बचपन में यश दयाल ने कोच बीएन अग्रवाल से गेंदबाजी का हुनर सीखा। इसके बाद स्टेडियम के क्रिकेट कोच कौशिक पाल और अमित पाल ने उनकी गेंदबाजी की प्रतिभा निखारी। जिला क्रिकेट लीग में गेंदबाजी से कहर बरपाने वाले यश ने जल्द ही प्रदेश की रणजी ट्राफी टीम में चयन के लिए दस्तक देनी शुरू कर दी।
prayagraj news : क्रिकेटर यश दयाल।
- फोटो : prayagraj
यश की प्रतिभा को 2017-18 में पहचाना गया। चयनकर्ताओं ने उन्हें अंडर-23 टीम में शामिल किया। यश ने इस मैच में अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। उन्होंने वनडे मैच में आठ विकेट चटकाए। इसके बाद यूपी की सीनियर टीम में चयनकर्ताओं ने बाएं हाथ के तेज गेंदबाज को मौका दिया। चयनकर्ताओं ने 2018-19 में रणजी ट्राफी (चार दिवसीय), विजय हजारे ट्राफी (वनडे) और मुश्ताक अली ट्राफी (टी-20) के लिए यश को टीम में शामिल कर लिया। रणजी ट्राफी में गोवा के खिलाफ कानपुर में यश ने डेब्यू किया। वह 2019-20 में तीनों टीमों का हिस्सा रहे। यश दयाल ने रणजी ट्राफी में रेलवे के खिलाफ एक बार पांच विकेट भी झटके। इसकी बदौलत टीम को जीत मिली थी।