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Prayagraj : दो दिन में छह इंच बढ़ा यमुना का जलस्तर, पेयजल संकट से राहत

Sat, 07 Jun 2025 02:32 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

यमुना नदी के जल पर निर्भर शहर की एक चौथाई आबादी के लिए राहत की खबर है। दो दिनों में यमुना नदी के जलस्तर में छह इंच की बढ़ोतरी हुई है। इससे पेयजल संकट से राहत की उम्मीद जगी है।
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यमुना नदी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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यमुना नदी के जल पर निर्भर शहर की एक चौथाई आबादी के लिए राहत की खबर है। दो दिनों में यमुना नदी के जलस्तर में छह इंच की बढ़ोतरी हुई है। इससे पेयजल संकट से राहत की उम्मीद जगी है। करेलाबाग में लगे रॉ वाटर पंपिंग स्टेशन से रोजाना 10 से 11 करोड़ लीटर पानी लेकर शहर में आपूर्ति की जाती है, लेकिन यमुना नदी के जलस्तर में तेजी से गिरावट होने लगी।

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स्थिति यह हो गई कि पंपिंग स्टेशन में लगे चार इंटेकवेल में से तीन को पानी मिलना बंद हो गया है। इसकी वजह से सात अतिरिक्त पंप लगाए गए हैं। इस स्थिति को देखते हुए महापौर गणेश केसरवानी ने जिले के प्रभारी एवं सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को पत्र लिखकर यमुना में पानी छोड़े जाने की मांग की थी। इसी तरह का पत्र महाप्रबंधक जलकल गौरव कुमार की ओर से सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता को भी लिखा गया था।

अब इन प्रयासों का असर दिखने लगा है। वहीं कई जिलों में बारिश भी हुई है। इसके अलावा अलग-अलग माध्यम से भी यमुना में पानी रोके जाने की बात कही जा रही है। इससे जल स्तर में छह इंच की बढ़ोतरी हुई है। जलकल के महाप्रबंधक कुमार गौरव का कहना है कि यमुना के जल स्तर में छह इंच की बढ़ोतरी से काफी राहत है। आगे भी जल स्तर में बढ़ोतरी की उम्मीद है।

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सम्मेलन में महापौर ने प्रस्तुत किया जल प्रबंधन मॉडल

ग्रेटर नोएडा में आयोजित ऑल इंडिया मेयर्स समिट में महापौर गणेश केसरवानी ने प्रयागराज में अपनाए गए जल प्रबंधन मॉडल को प्रस्तुत किया। पेयजल आपूर्ति व्यवस्था, जल निकासी, वर्षा जल सरंक्षण आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जिसकी सम्मेलन में सराहना हुई। समिट में देश भर से आए महापौर एवं अफसरों ने जल प्रबंधन पर चर्चा की। इसी क्रम में महापौर ने सभी तरह के जल स्रोतों के बारे में बताया।

उनका कहना था कि प्रयागराज के शहरी क्षेत्र की 95 फीसदी आबादी को पाइपलाइन से पेयजल मिल रहा है। उन्होंने नदियों की सफाई, रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम, खराब हो चुके ट्यूबवेल एवं हैंडपंप को वाटर रिसोर्स एवं वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में तब्दील करने समेत अन्य योजनाओं पर भी चर्चा की। महापौर ने बताया कि जल प्रबंधन के प्रयागराज के मॉडल को सम्मेलन में काफी सराहा गया।
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