केन, बेतवा में उफान, यमुना जल स्थिर
गंगा में घटाव की रफ्तार हुई काफी कम
0 कछार के बाढ़ प्रभावित मोहल्लों में बना है संकट
0 शुक्रवार रात तक पानी निकलने की संभावना
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। खतरे के निशान से करीब एक मीटर नीचे बह रहे गंगा-यमुना में पानी घटने की रफ्तार धीमी हो गई है। केन, बेतवा में फिर उफान आने से यमुना का घट रहा जलस्तर बुधवार रात स्थिर हो गया। वहीं गंगा में जलस्तर घटने की रफ्तार आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे हो गई। दोनों नदियों के जलस्तर में कमी आने से कछारी इलाकों में रहने वालों को मिली राहत पर फिलहाल संकट गहरा गया है। सिंचाई बाढ़ खंड के अभियंताओं के मुुताबिक गंगा-यमुना का जलस्तर शुक्रवार रात सामान्य स्तर पर आने की उम्मीद है।
गंगा-यमुना के जलस्तर में बुधवार को दिन भर उतार-चढ़ाव की स्थिति रही। सुबह आठ बजे फाफामऊ में दो सेमी. प्रति घंटा की रफ्तार से घट रही गंगा शाम को आधा सेमी प्रति घंटा की दर से घटने लगीं। 12 घंटे में गंगा का जलस्तर फाफामऊ में सात और छतनाग में 12 सेमी. कम हुआ। वहीं छतनाग में गंगा का जलस्तर एक सेंमी प्रति घंटे की दर से घटाव पर रहा। रात दस बजे यमुना के स्थिर हो जाने से संगम के मुहाने से पहले गंगा जल रुक रहा है। सुबह आठ बजे नैनी में यमुना आधा सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से घटती रहीं फिर दोपहर में स्थिर हो गईं। सुबह आठ से रात आठ बजे तक यमुना का जलस्तर सिर्फ पांच सेंटीमीटर घटा।
सिंचाई बाढ़ खंड के अनुसार केन और बेतवा का बढ़ता जल यमुना के घटाव को बाधित कर रहा है। शाम को धीमी गति से घटाव की बढ़ीं यमुना रात बजे फिर स्थिर हो गईं। यमुना के जलस्तर में स्थिरता गंगा में पानी के घटने को प्रभावित कर रहा है। सिंचाई विभाग के अभियंताओं के अनुसार कई इलाकों में जोरदार बारिश से एक बार फिर स्थितियां बदल सकती हैं। चंबल, केन और बेतवा से बड़ी जलराशि यमुना में नहीं छोड़ी गई तो जलस्तर घटने की रफ्तार तेज होने का अनुमान है।
गंगा का जलस्तर रात आठ बजे
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फाफामऊ -83.68 मीटर
छतनाग - 82.90 मीटर
यमुना का जलस्तर
नैनी - 83.46 मीटर
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खतरे का निशान- 84.73 मीटर