पाट लगातार कटकर बहने के साथ ही जलमग्न होते जा रहे हैं। बक्शी मोढ़ा, करेंहदा समेत कई इलाकों में बाढ़ की आशंका से लोग घिर गए हैं। उधर, गंगा के जलस्तर में भी वृद्धि शुरू हो गई है। इससे बेली कछार, रसूलाबाद घाट, चांदपुर, सलोरी, शिवकुटी, बघाड़ा समेत कई निचले स्तरों में में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। सिंचाई बाढ़ खंड के कंट्रोल रूम की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक रात आठ बजे फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 78.75 मीटर रिकॉर्ड किया गया। यहां गंगा आधा सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रही है।
इसी तरह छतनाग घाट पर गंगा 75.68 मीटर पर पहुंच गई। छतनाग में एक सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से वृद्धि हो रही है। जबकि नैनी में इस सीजन में पहली बार रात आठ बजे यमुना के जलस्तर में सवा तीन सेमी प्रतिघंटा की रफ्तार से वृद्धि दर्ज की गई। यहां यमुना 76.23 मीटर पर पहुंच गई है। यमुना के जलस्तर में तेजी से चिंता बढ़ गई है। कहा जा रहा है कि ऊपरी हिस्से से जल दबाव बढ़ा तो बाढ़ के हालत बन सकते हैं।
फाफामऊ श्मशान घाट पर कटान, चार शव फिर रेत से निकले
फाफामऊ श्मशान घाट पर कटान तेज होने के साथ ही 24 घंटे निगरानी बढ़ा दी गई है। इस बीच मंगलवार को भी कटान के कारण रेत समाधि से चार शव बाहर निकल आए। जानकारी मिलने के बाद शवों को गंगा में बहने से नगर निगम टीम ने रोक लिया। चारों शवों का कर्मकांड के साथ शाम को निगम ने अंतिम संस्कार करा दिया। इससे पहले सोमवार को भी चार शवों का यहां अंतिम संस्कार कराया गया था।