गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड को देखने सुबह से ही नेशनल हाइवे 19 पर काफी भीड़ जुट गई। इस दौरान एक के बाद एक बसें जब कतार में चली तो एक बारगी ऐसा लगा मानो कोई ट्रेन हाइवे पर चल रही हो। इन बसों की लोगों ने खूब फोटो और सेल्फी भी ली। इसके पहले बुधवार की रात में ही हाइवे की एक लेन पर ट्रैफिक रोक दिया गया था। वर्कशॉप से धुलाई के बाद निकली बसें एक-एक करके सहसों पहुंचती रहीं। रात भर में इन बसों को एक कतार में लगाया गया।
आठ किलोमीटर की दूरी में सभी 500 बसें खड़ी हुई। सभी बसों में एक से 510 तक के नंबर भी लगाए गए। 12 घंटे से ज्यादा समय तक हाइवे की एक लेन बंद रही। एक घंटे तक चले इस कार्यक्रम के बाद बारी-बारी से शटल बसों को उनके गंतव्य के लिए भेज दिया गया। कुल 217 बसें ही शहर की तरफ भेजी गई। इस मौके पर प्रमुख सचिव परिवहन आराधना शुक्ला ने शटल बसों के रिकार्ड संचालन पर मौजूद लोगों को बधाई दी। कहा कि कुंभ मेला में की गई व्यवस्थाओं का यह अभिलेखीकरण है जो प्रदर्शित करेगा कि कुंभ मेला में कार्यों को किस तरह से किया गया।
कुंभ में 60 लाख से ज्यादा लोगों ने शटल में किया सफर
गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड बनने के बाद कमिश्नर डा. आशीष गोयल ने बताया कि कुंभ के दौरान शटल बसों में अब तक 60 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं को सफर कराया जा चुका है। जो अपने आप में एक रिकार्ड है। उन्होंने बताया कि कुंभ के दौरान पांच लाख से अधिक वाहनों की भी पार्किंग की गई। यह भी एक कीर्तिमान है।